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विपक्ष मांग क्या कर रहा है? राहुल जी क्या मांग कर रहे हैं? आप देशवासियों को बताओ कि स्थिति यह है, हमारी मजबूरी है, अंतरराष्ट्रीय स्थिति बन गई उसके कारण मजबूरी है और आने वाले वक्त में हमें यह कदम उठाने पड़ सकते हैं।
अभी तो खाली मोदी जी ने देशवासियों को आह्वान किया कि आपको क्या-क्या कदम उठाने हैं। वो कदम उठाने के लिए जो कहा गया उसके बाद सब मुख्यमंत्रियों का उन राज्यों में जहां बीजेपी की सरकारें हैं, उनके मंत्रियों का नाटक हुआ, कोई रिक्शा में गए, कोई पैदल गए, कोई इलेक्ट्रिक वैन में गए और वो का वो तमाशा हो रहा है अभी भी। यह बात राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मिडिया के समक्ष अपनी प्रतिक्रिया में कही।
उन्होंने कहा तमाशे से पब्लिक में मैसेज नहीं जाता है। अगर आप हकीकत में कुछ त्याग करते हो, उसका मैसेज सीधा उतरता गले के अंदर ,पर ये खाली तमाशे कर रहे हैं।
अब कल परसों और बढ़ा दिए आज सीएनजी के बढ़ा दिए, ये क्या मजाक है। आप खुल के कहो भई ये हमारी मजबूरी है। लोग लाइक करेंगे उस बात को और वो भी समझेंगे कि नेता प्रतिपक्ष का सम्मान किया है, उन्होंने जो मांग की है उसका जवाब दिया है सत्ता पक्ष ने, एनडीए गवर्नमेंट ने, प्रधानमंत्री मोदी जी ने और अमित शाह जी ने। तो ये तो हुई कायदे की बात। ये जो कर रहे हैं वो बिल्कुल ही ऐसे काम कर रहे हैं जिससे कि लोगों में गलतफहमी पैदा हो और लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि अब कल कितना बढ़ेगा। इस चिंता में लोग तकलीफ में हैं। पेट्रोल पंप पर लाइनें लग रही हैं ये स्वीकार नहीं कर रहे।
वे कह रहे थे मुझे आश्चर्य होता है कि जो हकीकत है कि पेट्रोल वाले कहते हैं एक हजार का पेट्रोल लो और कोई कोटा से आएगा, जयपुर, जोधपुर से आएगा, भरतपुर से आएगा, तीन बार रुक के उसको पेट्रोल भरवाना पड़ता है रास्ते में।
तो ये जो प्रैक्टिकल हकीकत है उसको ये सरकार हमारे जो मुख्यमंत्री जी और इनके नेता हैं, यहां के जो हमारे मदन राठौड़ साहब हैं उनके अध्यक्ष हैं, इनका काम ही यही है, झूठ बोलो, बार बार असत्य बोलो और नकार दो कि हो ही नहीं रहा है। अरे भाई पब्लिक दुखी हो रही है। पेट्रोल डीजल मिल नहीं रहा है। लाइनें लगी हुई है। LPG नहीं मिलता दस से पंद्रह दिन तक, ये तो गांव गांव से खबर आ रही है। लोहावट से खबर आ गई, ओसियां से खबर आ गई।
स्थिति ऐसी बिगड़ी हुई है। जो एजेंसी वाले हैं LPG वाले वो खुद हमें कहते हैं हमारी स्थिति ऐसी हो गई है, टेंशन होता है क्योंकि पब्लिक को जवाब क्या दें हम लोग? वो इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती।
स्थिति स्पष्ट करती तो गांव गांव में मैसेज होता तो जो एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर है, पेट्रोल पंप के मालिक भी हैं, उनको जनता के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। गलती केंद्र की है और राज्य सरकार की।
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