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मुंबई। भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने हाल ही में एक भावनात्मक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 850 गरीब बच्चों का सम्मान किया गया। ये बच्चे ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ योजना के तहत मुफ्त हृदय सर्जरी की सुविधा पा चुके हैं। यह योजना रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट द्वारा संचालित की जाती है। कार्यक्रम मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित रोटरी सर्विस सेंटर में आयोजित किया गया, जबकि बच्चों की हृदय सर्जरी श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट केयर सेंटर में की गई थी।
यह पहल ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रोजेक्ट के अध्यक्ष पीपी नितिन मेहता के मार्गदर्शन में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत पिछले छह वर्षों में लगभग 12 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जिनसे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की जीवनरक्षक सर्जरी में मदद मिली है। पूरा प्रोजेक्ट लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत वाला है और इसका मुख्य उद्देश्य लगभग 250 बच्चों को आवश्यक हृदय सर्जरी और चिकित्सा सहायता देकर उन्हें नया जीवन देना है।
कार्यक्रम के दौरान सुनील गावस्कर ने बच्चों और उनके परिवारों से मिलकर उनकी कहानियां सुनीं और उनसे बातचीत की। उन्होंने उन बच्चों के साथ खुशी और भावनात्मक पल साझा किए, जिनका जीवन समय पर इलाज मिलने से पूरी तरह बदल गया है। यह कार्यक्रम केवल चिकित्सा सफलता का उत्सव नहीं था, बल्कि यह दयालुता, सहयोग और मिलकर जीवन बदलने की शक्ति का भी प्रतीक था।
कार्यक्रम में सुनील गावस्कर ने कहा कि इन नन्हे बहादुर बच्चों से मिलना उनके लिए बेहद भावनात्मक अनुभव था। उन्होंने बच्चों की साहसिकता और अस्पताल तथा रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे निस्वार्थ कार्य को देखकर गहरी प्रेरणा महसूस की। उन्होंने कहा, “सच्चे नायक वही हैं। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि समय पर की गई मदद और लोगों की उदारता कितनी जिंदगियों को बदल सकती है।”
जन्मजात हृदय दोष नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में होने वाली सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हर साल भारत में 2 लाख से अधिक बच्चे हृदय दोष के साथ जन्म लेते हैं, जिनमें से लगभग 70,000 बच्चों को अपने पहले वर्ष में ही सर्जरी की आवश्यकता होती है। हालांकि, कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों या समय पर बीमारी की पहचान न होने के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते।
‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रोजेक्ट के तहत रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट के अध्यक्ष पीपी नितिन मेहता ने कहा कि हर बच्चे को एक स्वस्थ हृदय और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे को आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे इन बच्चों को सर्जरी के बाद मुस्कुराते हुए देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्होंने उनके लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य बनाने में मदद की है।
श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट केयर सेंटर की वरिष्ठ सलाहकार और बाल हृदय शल्य चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. प्रभाता रश्मि ने समय पर बीमारी की पहचान और इलाज के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि जन्मजात हृदय दोष का समय पर उपचार न किया जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। लेकिन सही समय पर की गई सर्जरी और उचित चिकित्सा से बच्चों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है और उनके जीवित रहने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।
यह पहल कई रोटरी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से सफल हो पाई है। इसमें रोटरी क्लब बर्लिन इंटरनेशनल, रोटरी जिला बर्लिन, रोटरी क्लब दिल्ली साउथ, रोटरी जिला दिल्ली, रोटरी क्लब मुंबई एलिगेंट, रोटरी क्लब एलिगेंट प्लस, रोटरी क्लब बे व्यू, रोटरी क्लब मुंबई कोस्टलाइन, रोटरी क्लब घाटकोपर पूर्व और अमेरिका के इंडियाना स्थित रोटरी क्लब फोर्ट वेन शामिल हैं। इसके अलावा रोटरी इंटरनेशनल ने अपने वर्ल्ड फंड के माध्यम से भी इस पहल को सहयोग प्रदान किया।
‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ पहल यह दिखाती है कि करुणा, सहयोग और समर्पण मिलकर न सिर्फ जीवन बचा सकते हैं, बल्कि देशभर में सैकड़ों परिवारों को नई उम्मीद भी दे सकते हैं—एक-एक दिल की धड़कन के साथ।