
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। कस्बे में क्षतिग्रस्त नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लाखों रुपये का टेंडर जारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नालियां तोड़कर छोड़ दी गई हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा नालियों की मरम्मत का ठेका दिए जाने के बाद संबंधित ठेकेदार ने विभिन्न मोहल्लों में नालियां तोड़ दीं, लेकिन समय पर उनका पुनर्निर्माण नहीं कराया। इसके चलते सारवान मोहल्ला, महावता का चौक, तोपचिवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो रहा है। नालियों का पानी सड़कों पर बहने से गंदगी फैल रही है तथा जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई स्थानों पर करीब दस दिन पहले नालियां तोड़ी गई थीं, लेकिन अब तक उनका निर्माण पूरा नहीं हुआ। इससे दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को लोगों का आक्रोश बढ़ने पर ठेकेदार ने कुछ स्थानों पर काम शुरू किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वहीं दूसरी ओर, करीब चार माह पूर्व तोपचिवाड़ा स्थित काली तलाई क्षेत्र में निर्मित नई नाली भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने लगी है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण नई नाली अल्प समय में ही टूटने लगी।
लोगों ने नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता वीरेन्द्र कुमार यादव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी नहीं होने से ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अधूरे पड़े कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।