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चांदा, महाराष्ट्र। विविधीकृत अदाणी पोर्टफोलियो की सीमेंट एवं निर्माण सामग्री कंपनी एसीसी और अदाणी फाउंडेशन, एसीसी चांदा की सीएसआर पहलों के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बना रहे हैं। घुघुस स्थित एसएचजी द्वारा संचालित कैंटीन में सीमित बैठने की व्यवस्था, खराब वेंटिलेशन और अपर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं के कारण प्रतिदिन केवल 30 से 35 ग्राहक ही कैंटीन तक पहुंचते थे, जिससे मासिक शुद्ध आय 20,000 से 25,000 रुपये के बीच ही बनी रहती थी। कैंटीन का संचालन करने वाली महिलाएं पूरी मेहनत कर रही थीं, लेकिन उपलब्ध संसाधन उनके पक्ष में काम नहीं कर रहे थे। कैंटीन को संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता थी। नवीनीकरण की कुल लागत का 50 प्रतिशत योगदान स्वयं सहायता समूह ने दिया, जबकि शेष लागत का वहन अदाणी फाउंडेशन ने किया। इसके तहत कैंटीन में नया फर्श बिछाया गया, प्रकाश व्यवस्था और वेंटिलेशन को बेहतर बनाया गया। साथ ही बैठने की क्षमता बढ़ाई गई। इस बदलाव से प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 60 तक पहुंच गई। वहीं मासिक शुद्ध आय तीन गुना बढ़कर लगभग 60,000 रुपये हो गई।