ग़ैर ज़रूरी रस्मों रिवाजों व दिखावा को ख़त्म किया जाये : अब्दुल सलाम जौहर

बिरादरियों में सादगी और सामूहिक शादी सम्मेलन को बढ़ावा दिया जाये
लेखक : अब्दुल सलाम जौहर
कन्वीनर मुस्लिम प्रोग्रेसिव फ़ेडरेशन
राजस्थान
www.daylifenews.in
मुस्लिम प्रोग्रेसिव फ़ेडरेशन राजस्थान ने सभी समाज बिरादरियों से अपील की है की समाज में शादियां सामूहिक सम्मेलनों में आयोजित की जाये शादियाँ बिना जहेज़, बिना बैंड बाजा के बहुत ख़र्चीली ना करके सादगी से की जाये।
फ़ेडरेशन के कन्वीनर अब्दुल सलाम जौहर ने बताया की समाज बिरादरियों में अक्सर देखा जाता है की गरीब आर्थिक रूप से कमज़ोर घर की बच्चियाँ पैसों की अभाव में घरों में बैठी रहती हैं और उनको सही उपयुक्त रिश्ता नहीं मिलता है। आर्थिक स्थिति कमज़ोर होने की वजह से एवं आज कल शादियों में बहुत ज़्यादा लेन देन जहेज़ व दिखावा और ग़ैर ज़रूरी रस्मों, रीति रिवाज होने और उसमें बहुत ज़्यादा खर्चा होने की वजह से ग़रीब बच्चियों की शादी नहीं हो पाती हैं।
वक़्त गुज़रता जाता है बच्चों की उम्र बढ़ती जाती है और शादी नहीं हो पाती है, कई जगह तो बच्चियाँ भटक जाती हैं, ग़लत क़दम उठा कर अन्य समाज के लड़कों के साथ जाकर शादी तक भी कर लेती हैं जिस की वजह से समाज में घर वालों की इज़्ज़त सम्मान को ज़बरदस्त ठेस पहुंचती है और आपसी झगड़े, थाना, मुक़दमे बाज़ी तक की नोबत आ जाती है। बाद में ऐसी बच्चियों के साथ धोका ज़्यादती दुर्गति होना भी सामने आता है।
मौजूदा हालात के मद्दे नज़र अब समाज बिरादरी में सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन प्रचलन को बढ़ावा देना चाहिये।
इज्तिमाई शादी सम्मेलन होना अब यह ज़रूरी भी होता जा रहा है, रुपयों की फ़िज़ूल बर्बादी को रोकना चाहिये।
इज्तिमाई- सामूहिक विवाह सम्मेलन में कई मजबूर ग़रीब लड़के और लड़कियों का रिश्ता और शादी भी सम्मान से हो जाती है घर वालों व उनकी इज़्ज़त सम्मान भी रह जाता है।
अब तो कई समाज बिरादरी में अमीर घरों के बच्चे बच्चियों की शादी भी समाज के दबाव में होने लगी हैं समाज का सिस्टम को सुधारने और उन्हें प्रेरित करना अब ज़रूरी है।
सामूहिक शादी सम्मेलन हर ऐतबार से फ़ायदेमंद और अब ज़रूरी हो गया है। इसके लिये समाज में निरंतर कोशिशें की जाती रहनी चाहिये और इस से बचे हुए फण्ड को समाज के ज़रूरत मंद ग़रीब बच्चों की उच्च तालीम (शिक्षा) व तरबियत (संस्कार) में लगायें उनको रोज़गार कौशल में मदद करें।
मुस्लिम मिक्स बिरादरियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन भी आयोजित होने चाहिये जो हो रहे हैं वो बहुत ही नगण्य हो रहे हैं जिसे बहुत ज़्यादा आयोजित एवं प्रचलित किया जाना अतिआवश्यक है।
अब सभी समाज के जागरूक लोगों को अपनी अपनी बिरादरी समाज में सामूहिक विवाह को आम करना चाहिये एवं सादगी से कम ख़र्चीली शादी को बढ़ावा देना और इसके लिये जागृति, निरंतर मेहनत कोशिशें करनी चाहिये।

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