
www.daylifenews.in
मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने अपने कमांड परिसर में 23 से 25 जून तक आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जलवायु एवं आपदा-रोधी हिमालय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन किया। जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन केंद्र द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने भाग लेकर हिमालयी क्षेत्र के सामने बढ़ती जलवायु और आपदा संबंधी चुनौतियों पर मंथन किया। यह सम्मेलन आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा के संरक्षण में आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रोफेसर कला वेंकट उदय ने की, जबकि आयोजन सचिव की जिम्मेदारी प्रोफेसर विवेक गुप्ता ने निभाई। सम्मेलन को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट्स तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का सहयोग प्राप्त हुआ। मैकाफेरी तकनीकी सहयोगी और स्प्रिंगर नेचर प्रकाशन सहयोगी के रूप में सम्मेलन से जुड़े रहे। हिमालय की गोद में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य अत्याधुनिक वैज्ञानिक शोध को जमीनी स्तर की नीतियों और इंजीनियरिंग समाधानों से जोड़कर क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा और लचीलापन सुनिश्चित करना था।