
गोदरेज डीईआई लैब’ की शोध रिपोर्ट
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मुंबई। ‘डिसएबिलिटी प्राइड मंथ’ (दिव्यांग गौरव माह) के अवसर पर गोदरेज इंडस्ट्रीज़ समूह की विविधता, समानता और समावेशन (Diversity, Equity and Inclusion – DEI) पहल ‘गोदरेज डीईआई लैब’ ने अपनी नवीनतम शोध रिपोर्ट ‘भारतीय कॉरपोरेट कार्यस्थलों में सुलभता और समावेशन: ऐसे कार्यस्थलों की रूपरेखा जो सभी के लिए कारगर हों’ जारी की है। यह रिपोर्ट डीईआई लैब की शोधकर्ता पुष्णामी कस्तूरे ने तैयार की है। यह रिपोर्ट विभिन्न उद्योगों के दिव्यांग कर्मचारियों, एचआर (HR) पेशेवरों, एक्सेसिबिलिटी कंसलटेंट्स, आर्किटेक्ट्स और DEI विशेषज्ञों के वास्तविक अनुभवों पर आधारित है। गोदरेज DEI लैब के प्रमुख, परमेश शहानी ने कहा: “एक्सेसिबिलिटी को अक्सर सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से देखा जाता है। हमारा शोध दिखाता है कि वास्तव में समावेशी कार्यस्थल तकनीक, संचार और संस्कृति के माध्यम से भी उतने ही बनते हैं, जितने कि रैंप या लिफ्ट के माध्यम से। जैसे-जैसे संगठन काम के भविष्य पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं, एक्सेसिबिलिटी एक ऐसा अवसर देती है जिससे हम ऐसे सिस्टम तैयार कर सकें जो सभी के लिए बेहतर काम करें।”