
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को होद की पाल खेल मैदान में आयोजित युवा खेल महोत्सव खेल, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संगम बन गया। क्षेत्रभर से पहुंचे युवाओं और बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान खेल मैदान उत्साह, जोश और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
उपखंड कार्यवाह अशोक गुर्जर ने बताया कि खेल महोत्सव के अंतर्गत 100 एवं 400 मीटर दौड़, लंबी दौड़, लंबी कूद, कबड्डी और रस्साकशी सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आयोजन में युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
प्रतियोगिताओं के परिणाम भी बेहद रोमांचक रहे। 100 मीटर दौड़ में केशव ने प्रथम एवं आकाश गुर्जर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर दौड़ में प्रहलाद यादव विजेता रहे। महिला वर्ग की 100 मीटर दौड़ में साक्षी ने प्रथम तथा मृदुला अग्रवाल ने द्वितीय स्थान हासिल किया। लंबी कूद में हितेश प्रथम रहे, जबकि द्वितीय स्थान पर सोमेश एवं आकाश संयुक्त रूप से रहे। कबड्डी प्रतियोगिता में मामटोरी की टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि नवलपुरा की टीम उपविजेता रही। सभी विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को प्रतीक चिह्न एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम संयोजक संपूर्णानंद शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजन युवाओं में शारीरिक क्षमता, अनुशासन, आपसी भाईचारा और राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह युवा खेल महोत्सव सामाजिक समरसता, संगठन और स्वस्थ समाज निर्माण का प्रेरणादायी उदाहरण है।
महिपाल गुर्जर ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। साथ ही आयोजन को सफल बनाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों का भी सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सह बौद्धिक प्रमुख कैलाश जलजला, रामकरण, कल्याण बक्स गुर्जर, डी.के. सोनी, कृष्ण कुमार वर्मा, जगदीश गुर्जर, सर्वेश शुक्ला, रूपेश असवाल, श्रवण सेन, कवि कमल, घनश्याम बुनकर, रवि बेनीवाल, बंशीधर यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह युवा खेल महोत्सव न केवल खेल प्रतिभाओं के लिए मंच बना, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभाव, संगठन और सामाजिक एकता का संदेश भी छोड़ गया।