‘सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य’ पर कानूनी जानकारी दी

जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर जिला जयपुर अध्यक्ष श्रीमती माधवी दिनकर एवं तालुका विधिक सेवा समिति शाहपुरा अध्यक्ष श्रीमती ललिता शर्मा अपर जिला एवं सत्र सेशन न्यायाधीश प्रथम के निर्देशन में अधिकार मित्र दिनेश कुमार शर्मा ने नगरपालिका मनोहरपुर में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुमंतू आदिवासी जाति_ जनजातियों के कानूनी अधिकार एवं बाल अपराध एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए नालसा जागृति योजना 2025 “” सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य “” पर पोक्सो एक्ट 2012 की कानूनी जानकारी दी गई .।
इस शिविर की अध्यक्षता प्रिंसिपल राजेश यादव द्वारा की गई।
इस अवसर पर जुनियर लीगल लिटरेसी क्लब की अध्यक्ष इन्दूबाला, महिला सेफ्टी कार्डिनेटर कल्पना सौगान उपस्थित रहे।
अधिकार मित्र दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि पोक्सो एक्ट 2012 नाबालिक लड़की, लड़कों बच्चों को सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करने,एवं यौन_ शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है।नाबालिक बच्चों को मानसिक शारीरिक उत्पीड़न या भयभीत करने वालों से बच्चों को सुरक्षित करना है ।
बच्चों की शिक्षा एवं किसी भी तरह के स्पर्श, अश्लील वीडियो, अश्लील फोटो, वार्तालाप से बचाने के लिए पाॅक्सो एक्ट बनाया गया है। पोक्सो एक्ट में किसी भी नाबालिक लड़की के साथ यौन संबंध बनाने का प्रयास,करना साबित होने पर उस अपराधी की जमानत भी नहीं होती है। किसी भी नाबालिक लड़की से जघन्य कृत्य पर मृत्यु होने पर फांसी की सजा का भी प्रावधान है।,साबित होने पर अपराधी को 20 वर्ष की आजीवन कारावास एवं आर्थिक दंड भी दिया जाता है इसी क्रम में अधिकार मित्र दिनेश कुमार शर्मा ने साइबर क्राइम एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सृजन सुरक्षा योजना के बारे में विद्यार्थियों को लड़की के जन्म पर उसके माता-पिता को अपने घर पर 11 पौधारोपण किया जाना अनिवार्य है।
प्रशासन द्वारा बालिका ग्रीन कार्ड दिया जाता है।उस बालिका की शिक्षा से लेकर विवाह तक की मिलने वाली समस्त धनराशि बालिका ग्रीन कार्ड द्धारा जारी की जायेगी।
नशा एक जानलेवा कैंसर है
नशा अपने साथियों के द्वारा या प्रलोभन के कारण एक से दूसरे के अंदर फैलाया जाता है‌। असामाजिक तत्वों के द्वारा
नशा का दबाव दे कर नशा का नियमित सेवन करने के लिए आदत बनाई जाती हैं । पंजाब में, विदेशी षड्यंत्र एवं विदेशी फंडिंग के कारण युवाओं को नशा के आदि बनाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जाता है।।नशा में बीड़ी सिगरेट तंबाकू ड्रग्स के नियमित सेवन से नशा करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से शारीरिक रूप से एवं सामाजिक रूप से कमजोर एवं अपराधी बनने लगता है। क्योंकि नियमित नशा करने वाला व्यक्ति सबसे पहले अपने घर में ही चोरी करता है एवं अपने नशे की लत के लिए अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के साथ सहयोग कर अपराध क्षेत्र चोरी गुण्डा गर्दी के द्वारा उसे अपराधी बनाया जाता है । नशेड़ी व्यक्ति के घर में प्रतिदिन लड़ाइयां होती है एवं उनकी आर्थिक जरूर की पूर्ति भी नहीं हो पाती है।
घर के सभी व्यक्ति उस नशेड़ी व्यक्ति से परेशान होकर शिक्षा के प्रति उदासीन हो जाते हैं हमें ऐसे पीड़ित छात्र-छात्राओं को सहायता पहुंचाने के लिए विद्यालय के शिक्षकों से सहयोग चाहिए।
भारत सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्र अलग-अलग स्थानों पर निःशुल्क सहायता,दवाई उपलब्ध कराई जाती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन नंबर 15100 नम्बर पर मिसकाॅल करें।।
असामाजिक तत्वों से बचाव के लिए पुलिस हेल्पलाइन नंबर 1090 पर फोन करें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती हैं। इस शिविर में व्याख्याता मोहनलाल चौधरी जोगेंद्र खंडेलवाल शुभम नोकिया कल्पना सौगंध सहित 85 लाभार्थियों ने भाग लिया।

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