नगर पालिका लॉटरी निकलते ही चुनावी माहौल गरमाया

सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
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मण्डावर (दौसा)। नगर पालिका के आगामी चुनाव को लेकर 25 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही शहर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में राजनीतिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। वहीं, आरक्षण बदलने से कई मौजूदा दावेदारों के चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं। कुछ दावेदार अब नए वार्डों से मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं।
जारी आरक्षण सूची के अनुसार नगर पालिका के 25 वार्डों में से 8 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें एससी महिला के लिए एक, एसटी महिला के लिए दो, ओबीसी महिला के लिए एक और सामान्य महिला वर्ग के लिए चार वार्ड शामिल हैं।
एससी के दो वार्ड, एक महिला के लिए
लॉटरी में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए वार्ड 14 और 18 आरक्षित किए गए हैं। वहीं वार्ड 21 एससी महिला के लिए आरक्षित रहेगा। आरक्षण सामने आने के बाद इन वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों ने अपनी रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया है।
एसटी के 5 वार्ड, यहीं से चेयरमैन पद की दावेदारी
अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कुल 5 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 20, 5 और 19 एसटी वर्ग के लिए, जबकि वार्ड 1 और 17 एसटी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
मण्डावर नगर पालिका में चेयरमैन पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में चेयरमैन पद की दावेदारी के लिए एसटी वर्ग के इन पांच वार्डों पर सभी की नजरें रहेंगी। माना जा रहा है कि इन वार्डों में पार्षद पद के लिए दावेदारों की संख्या अन्य वार्डों की तुलना में अधिक रह सकती है। संभावित प्रत्याशी अभी से मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने में जुट गए हैं। वहीं, राजनीतिक दल भी इन वार्डों में मजबूत चेहरों की तलाश में लगे हैं।
ओबीसी के 3 वार्ड, एक महिला के लिए
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वार्ड 10, 11 और 13 आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 4 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। आरक्षण सूची जारी होने के बाद इन वार्डों में भी संभावित प्रत्याशियों ने चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सामान्य वर्ग के 9 वार्ड
नगर पालिका के 9 वार्ड सामान्य यानी अनारक्षित रखे गए हैं। इनमें वार्ड 3, 6, 7, 9, 12, 15, 22, 24 और 25 शामिल हैं। वहीं वार्ड 2, 8, 16 और 23 सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
दिग्गजों के बदले समीकरण, नए चेहरों को मौका
आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद संभावित दावेदारों की नजर अब चुनाव कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया पर है। कई पुराने दावेदारों को आरक्षण के कारण अपने वार्ड बदलने पड़ सकते हैं, जबकि नए चेहरों के लिए चुनाव मैदान में उतरने का रास्ता खुल गया है। खासकर एसटी आरक्षित वार्डों में चेयरमैन पद की दावेदारी को लेकर अभी से राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में वार्डवार बैठकों, जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

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