
एएसआई मगन की रही अहम भूमिका, 14 दिन में खुली हत्या की गुत्थी
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
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मण्डावर (दौसा)। थाना इलाके के खेड़ली कलां गांव के जंगल में बाजरे के खेत से मिले ब्लाइंड मर्डर के शव की गुत्थी मण्डावर थाना पुलिस ने 14 दिन में सुलझा ली। पुलिस ने मामले में दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने करीब 800 किलोमीटर तक पीछा किया। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और आसूचना तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। कार्रवाई में एएसआई मगन की अहम भूमिका रही।
यह था मामला
15 अगस्त को खेड़ली कलां गांव के जंगल में बाजरे के खेत से राहुल उर्फ भानू मीना (30) निवासी खेड़ा कल्याणपुर, अलवर का शव बरामद हुआ था। मृतक के पास पहचान संबंधी दस्तावेज और मोबाइल फोन नहीं मिलने से पुलिस के सामने पहले मृतक की पहचान और फिर हत्यारों तक पहुंचने की चुनौती थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
झगड़े के बाद हत्या, शव तीन किमी दूर फेंका
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से दो दिन पहले राहुल की चेतराम मीना नामक व्यक्ति से कहासुनी और झगड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार विवाद और धमकी के बाद आरोपियों ने राहुल की हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को मूल घटनास्थल ग्राम किशोरपुर से करीब तीन किलोमीटर दूर खेड़ली कलां के बाजरे के खेत में फेंक दिया।
सीसीटीवी और साइबर जांच से मिले सुराग
सुनसान जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साइबर सेल की मदद से तकनीकी विश्लेषण और आसूचना तंत्र से मिले इनपुट को आपस में जोड़कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। लगातार निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में सुरेश उर्फ सुरा (56) निवासी खोहरी, थाना खेड़ली, जिला अलवर और शेरसिंह उर्फ शेरू (19) निवासी खोहरी, थाना खेड़ली, जिला अलवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सुरेश थाना खेड़ली का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं मामले में एक महिला (मुकेश की पत्नी)को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार महिला ने आरोपियों को आश्रय देने और सहयोग करने का काम किया। उसके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
800 किमी तक किया पीछा
ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने संदिग्धों की लगातार तलाश की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आसूचना तंत्र से मिले सुरागों को जोड़ते हुए टीम ने करीब 800 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इनकी रही अहम भूमिका
जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देशन में गठित टीम में मण्डावर थानाधिकारी हरिओम, एएसआई मगन, सलेमपुर थानाधिकारी संतचरण, एएसआई अशोक, महुवा थाना एएसआई रविन्द्र, साइबर सेल प्रभारी दौसा एएसआई प्रेमनारायण, हैड कांस्टेबल विनोद कुमार, ओमप्रकाश, साइबर सेल हैड कांस्टेबल अजय परेवा, महुवा थाना कांस्टेबल बनैसिंह, प्रताप, गजेंद्र, मनोज, राजकुमार, साइबर सेल कांस्टेबल महेंद्र कुमार, सलेमपुर थाना कांस्टेबल धीरज तथा बालाहेड़ी थाना कांस्टेबल रविन्द्र शामिल रहे।
इनका कहना है
आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जाएगी।
-हरिओम मीणा थानाधिकारी, मण्डावर