मौसम बिगड़ते ही खेतों की ओर दौड़े किसान

फसल समेटने के लिए बढ़ी मजदूरों की मांग, मजदूरी में 10 से 20 रुपए तक उछाल
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
www.daylifenews.in
मण्डावर (दौसा)। उपखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शुक्रवार दोपहर बाद कुछ राहत मिली, लेकिन अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। सुबह से दोपहर तक तेज गर्मी और उमस का दौर जारी रहा। लोग गर्मी से बेहाल रहे। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में पानी से लदे काले बादल छा गए। कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई।
मण्डावर क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक लगातार बारिश हुई। इसके बाद भी रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। बारिश से मौसम सुहाना हो गया और गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन खेतों में कटी पड़ी बाजरे की फसल किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई। बारिश शुरू होते ही कई किसान आनन-फानन में खेतों की ओर दौड़े और खुले में कटी पड़ी बाजरे की फसल को समेटने में जुट गए।
किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में बाजरे की फसल की कटाई के बाद जगह-जगह पड़ी हुई है। ऐसे में यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहा तो कटी फसल भीगने से खराब होने की आशंका है। खेत में पड़ी फसल में पानी भरने के बाद उसके सड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा। इससे किसानों को मेहनत के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
फसल घर लाने की जल्दबाजी, मजदूरों की बढ़ी मांग
मौसम खराब होने के बाद किसान अब जल्द से जल्द खेतों में पड़ी बाजरे की फसल को घर लाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके चलते अचानक मजदूरों की मांग बढ़ गई है। किसानों को फसल समेटने के लिए अतिरिक्त मजदूर लगाने पड़ रहे हैं। मजदूरों की मांग बढ़ने से उनकी मजदूरी में भी 10 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश का मौसम अभी बना हुआ है। यदि आगामी दिनों में दोबारा तेज बारिश हुई तो खेतों में कटी पड़ी बाजरे की फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में किसान दिन-रात मेहनत कर फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हैं। शुक्रवार की बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बन गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *