ख्वाजा साहब की अजमेर यात्रा के रेखांकन से उभरा ‘मुहम्मद’

www.daylifenews.in
पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्ल. की मोहब्बत दिल में लिए दुनिया में एकता व भाईचारे का संदेश देने के लिए मक्का से रवाना हुए ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती र.अ. की यात्रा को चिह्नित कर रेखांकित किया जाए तो उर्दू में मुहम्मद शब्द उभरकर सामने आता है। डॉ. सादिक अली द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के जीवन चरित्र पर किए गए शोध में यह सामने आया है। डॉ. सादिक अली कहते हैं कि उन्होंने ख्वाजा साहब की मक्का से अजमेर तक की यात्रा को दुनिया के नक्शे पर चिह्नित कर रेखांकित किया तो यह सामने आया। जिन बिंदुओं को चिह्नित किया गया, वहां पर ख्वाजा ने 40-40 दिन रुककर विशेष इबादत की थी। राजस्थान में भी कई स्थानों पर ख्वाजा ने विशेष इबादत कर अमन-चैन एवं भाईचारे की दुआएं की। उनके समक्ष इंसान एवं इंसानियत अहम थी। यही कारण है कि आज भी उनकी मजार पर दुनिया भर से हर वर्ग का व्यक्ति आता है। इस पुस्तक के बारे में जयपुर के पूर्व पार्षद ज़ाकिर खान ने टोंक शहर के बारे लिखे गए इतिहास को सराहनीय बताया।

टोंक होते अजमेर पहुंचा था कारवां
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने कई देशों में इबादत की और अमन की दुआएं मांगी। उनमें सऊदी अरन, कुवैत, इराक, सीरिया, ईरान, तुर्किस्तान, उज्वेकिस्तान, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान व भारत शामिल हैं। ख्वाजा अपनी यात्रा के दौरान राजस्थान के टोंक व टोडारायसिंह भी पहुंचे थे। टोंक में नौगजे बाबा की दरगाह क्षेत्र में कयाम किया। टोडारायसिंह में जहां कयाम किया, उन जगहों को गरीब नवाज के चिल्ला नाम से जाना जाता है। ख्वाजा टोंक से टोडारायसिंह-सरवाड़-नसीराबाद होते अजमेर पहुंचे थे।
यूं बना पवित्र शब्द
शोध के अनुसार ख्वाजा साहब के मक्का, ताइफ, जहा के क्याम को चिह्नित करके रेखांकित करने पर उर्दू का मीम काता है। इसी प्रकार वहां से अलनुफूफ, मदीना, इस्फहान, वगदाद, मौसूल, दमिश्क, हमदान, तबरेज, इस्तराबाद, सब्जवार, नेशापुर, खुरासान, बुखरा, समरकंद, बदख्शाह चिह्नित करने पर आगे के शब्द उभरते हैं। लाहौर, समाना, सुलतान, दिल्ली, टोंक, अजमेर को जोड़ने से उर्दू का दाल बनता है। किरमान, हिरात, मैमना, गजनी, पायल को रेखांकित करने पर तथ्वीद बनती है। इन जगहों पर ख्वाजा ने चिल्लाकशी की।
टोंक, ख्वाजा साहब ने कई देशों की यात्रा की तथा कई जगह विशेष इबादत की, जिसको चिह्नित कर रेखांकित किया गया तो उर्दू में मुहम्मद उभरकर दुनिया के नक्शे में इस तरह प्रतिपादित हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *