
नाथद्वारा मंदिर तक रेल सुविधा का मार्ग प्रशस्त
जोधपुर । राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की माननीय न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए नाथद्वारा रेलवे स्टेशन से नाथद्वारा टाउन तक प्रस्तावित रेलवे लाइन परियोजना के भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली सभी पांच रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस निर्णय से विश्वप्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर आने वाले देशभर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेल आवागमन की सुविधा विकसित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस परियोजना के पूर्ण होने पर देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को नाथद्वारा रेलवे स्टेशन से श्रीनाथजी मंदिर क्षेत्र तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। अब तक श्रद्धालुओं को इस प्रकार की सीधी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
इस महत्वपूर्ण प्रकरण में भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री भारत व्यास ने प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष परियोजना के राष्ट्रीय महत्व, व्यापक जनहित तथा लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधाओं से जुड़े तथ्यों को प्रमुखता से रखा।
न्यायालय ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि परियोजना के लिए लगभग 96 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण तथा करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। ऐसे में बिना ठोस कानूनी आधार के जनहित की इस महत्वपूर्ण परियोजना को बाधित करना उचित नहीं है।
इस निर्णय से नाथद्वारा में रेल संपर्क के विस्तार की बड़ी बाधा दूर हुई है तथा देशभर के श्रीनाथजी भक्तों एवं तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
यह नोट भी लगाया है : न्यायालय ने भूमि अधिग्रहण संबंधी याचिकाएं खारिज की हैं। रेल सेवा तत्काल शुरू करने का आदेश नहीं दिया है। सुविधा परियोजना पूर्ण होने के बाद उपलब्ध होगी।