
जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। समीपवर्ती अमरसर स्थित श्री महाकाली शक्ति पीठ पर नवरात्रि महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माता के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
शक्ति पीठ के श्री प्रेमगिरी महाराज के सानिध्य में और जयपुर (ढेर के बालाजी) के विख्यात आचार्य पण्डित पुरुषोत्तम शास्त्री महाराज के आचार्यत्व में नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य पर सहस्त्र चंडी महानुष्ठान का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
स्कंदमाता की पूजा और महिमा का वर्णन
अनुष्ठान के पांचवें दिन मुख्य आचार्य पण्डित पुरुषोत्तम शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को नवदुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना करवाई और उनकी महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता की भक्ति से प्रसन्न होकर वे भक्तों को शीघ्र फल प्रदान करती हैं।
सृष्टि की संचालक हैं मां आदिशक्ति
इस अवसर पर पंडित हेमंत शर्मा (सांवलपुरा वाले) ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। पंडित कमलेश शर्मा (लोहरवाड़ा) ने माता की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां आदिशक्ति ही इस संपूर्ण सृष्टि की संचालक हैं। जब चारों ओर गहरा अंधकार था, तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से इस ब्रह्मांड की रचना की थी।
दुर्गासप्तशती पाठ के साथ आहुतियां
पण्डित विनोद शर्मा ने जानकारी दी कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन रात्रि में दुर्गासप्तशती पाठ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कुंड में विशेष आहुतियां दिलवाई जा रही हैं। अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु लाल वस्त्र धारण कर पूर्ण विधि-विधान और नियमों का पालन करते हुए भाग ले रहे हैं।