
सांभर की पुरानी बसावट का मानचित्र व रिकॉर्ड पालिका के पुराने भवन में 8 साल से बंद
शैलेश माथुर की रिपोर्ट
www.daylifenews.in
सांभरझील। आजादी से पहले का सांभर का अति महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बताया जा रहा है नगर पालिका के पुराने भवन में आठ साल से बंद पड़ा है। सांभर शामलात यानी रियासत काल के इस भवन में जानकारी में आया है कि आजादी से पहले सांभर का एक ऐसा विशाल नक्शा मौजूद है, जिसमें पुरानी बसावट के मकानों की हद हदूद एक-एक इंच तक दर्शित की हुई है, इस पुराने नक्शे के आधार पर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। एक पुराना रिकॉर्ड यानी रजिस्टर भी है जिसे उस जमाने में मोजा आबादी रजिस्टर बोला जाता था। इस रजिस्टर में अंकित जानकारी से आज की वास्तविक हकीकत का पता लगाना बहुत आसान है। करीब 8 साल पहले नवीन भवन में शिफ्ट होने के बाद लगता नहीं है कि भवन को देखकर इसके कभी ताले खुले भी हो, यानी इसे एक प्रकार से लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। इस भवन के नीचे स्थित जो कमरे बने हुए हैं उसमें भी पुराना रिकॉर्ड बताया जा रहा है की सीलन की वजह से दीमक लगकर नष्ट हो सकता है। अंदाजा इसी बात लगाया जा सकता है कि भवन के ऊपर नीम और पीपल के वृक्ष उगने के बाद उनकी लंबाई 3 से 4 फीट तक हो गई है। एक आरटीआई कार्यकर्ता जो की सांभर के कैलाश नागला है, बताते हैं कि मौजा आबादी रजिस्टर की व महत्वपूर्ण दस्तावेजों की नकल प्राप्त करने के लिए कई दफा आवेदन किया लेकिन कोई ना कोई बहाना बनाकर देने से मना कर दिया जाता है, यह टालमटोल की स्थिति बताती है कि जरूर कोई लफड़ा है।