मोदी का डंका और बैंकों का बाजा

लेखक : रमेश जोशी (व्यंग्यकार)
प्रधान सम्पादक, ‘विश्वा’, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, यू.एस.ए.
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आज तोताराम जैसे ही चाय पीकर जाने लगा, हमने कहा- तोताराम, आज दसेक बजे आ जाना। बैंक चलेंगे।
बोला- पेंशन महिने के अंतिम दिन क्रेडिट होती है। 1 नवंबर को रविवार है। सो 2 नवंबर सोमवार को चलेंगे। और फिर आज तेरे खाते में होगा भी क्या? मिनिमम बेलेन्स से दो चार हजार रुपये ज्यादा पड़े होंगे। वे भी अगर निकाल लिए तो पूरे एक महिने के ब्याज के तीन चार रुपये कट जाएंगे। मोदी जी के राज में इतनी पोल नहीं है। उन्होंने बहुत पहले ही जनता के धन की चौकीदारी की घोषणा कर दी थी। वे पठान के बच्चे, 56 इंच की छाती वाले और एक अकेले सब पर भारी हैं।
हमने कहा- हमें पता है कि पेंशन 2 नवंबर से पहले नहीं मिलेगी और महिना पूरा होने में एक दिन भी कम होने पर पूरे महिने का ब्याज कट जाता है। लेकिन हम अपना मिनिमम बेलेन्स से ऊपर का एक एक पैसा निकाल लेना चाहते हैं। ज़माना बहुत खराब है।
बोला- ठीक है ज़माना बहुत खराब है, सत्ता और सत्ता के बहाने मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री की इमेज बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये विज्ञापन पर और मंदिरों के कॉरीडोर के बहाने हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए लाखों करोड़ रुपए बहाए जा रहे हैं। यह भी सच है कि बहुत से मोदी और अन्य घोटालिए सत्ता के संरक्षण में हजारों करोड़ ले भागे हैं। लेकिन ज़माना इतना भी खराब नहीं आया है कि कोई पेंशनरों के बीस तीस हजार लेकर भाग जाएगा।
हमने कहा- पहले रिजर्व बैंक के अलावा सभी बैंक प्राइवेट ही हुआ करते थे। तब कई बैंकों के मालिक बैंक का दिवाला निकाल कर साधारण लोगों के लाखों, करोड़ों रुपये हजम कर जाया करते थे। उन बैंकों से कर्ज भी सेठों और उनके लोगों को ही मिला करते थे। और वह भी खाली गोदाम पर बैंक का ताला लगाकर।
बैंक फेल करके सामान्य लोगों के साथ धोखाधड़ी न की जा सके और बैंकों से सामान्य लोगों को भी कर्ज मिल सके इसलिए इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था । लेकिन अब सरकर की मिलीभगत से साधारण लोगों के खातों में भी सेंध लगाई जा रही है।
बोला- मोदी जी और योगी के चलते ऐसा कुछ नहीं हो सकता।
हमने कहा- सबके साथ से ही सब का विकास होता है जैसे कि अदानी अंबानी और मोदी जी का हो रहा है। या जैसे योगी जी ने तीस हजार करोड़ का जेवर बनवाया और फकीर मोदी जी को पहना दिया। अब उन्हीं योगी जी के राज में नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक की के शाखा से उन लोगों का फिक्स्ड अकाउंट में रखा 35 करोड़ रुपया गायब हो गया है जिनकी ज़मीनों का जेवर के लिए अधिग्रहण किया गया था।
अब देखते हैं किन किन अज्ञात अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलता है।
इनका भी वही होगा जो राममंदिर, विश्वनाथ मंदिर, केदारनाथ मंदिर में चोरी करने वालों का हुआ।
राँडें ऐसे ही रोती रहेंगी और पाहुणे जीमकर चले जाएंगे जैसे माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसे, ललित मोदी, एबीजी शिपयार्ड का ऋषि अग्रवाल, यश बैंक का राणा कपूर, पीएमसी बैंक के अधिकारी आदि।
ऐसे ही मोदी का डंका और बैंकों का बाजा बजता रहेगा । ॐ योगी फकीराय च नमः।
(लेखक के अपने विचार हैं)

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