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जयपुर। भाजपा सरकार दावा करती है कि इंदिरा रसोई का नाम बदलकर इसकी व्यवस्था और बेहतर कर दी गई है। पर सच्चाई सबके सामने है। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में ही 41 अन्नपूर्णा रसोइयों पर ताले लग गए हैं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत ने कही साथ ही राजस्थान के एक समाचार पत्र की कटिंग भी उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लगायी है।
उन्होंने बताया कि आठ महीने से संचालकों का करीब 3 करोड़ रुपये का अनुदान अटका है। जिन कर्मचारियों से रसोई चलती थी, उन्हें मानदेय नहीं मिला और उनके घर के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। दिहाड़ी मज़दूर, रिक्शा चालक और जरूरतमंद, जिनका दो वक्त का पेट 8 रुपये की उस थाली से भरता था, अब भूखे लौट रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अपने जिले में यह हाल है तो प्रदेश के बाकी हिस्सों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। नाम बदलने से थाली नहीं भरती। भाजपा सरकार जवाब दे कि गरीब की थाली का अनुदान आठ महीने से क्यों अटका है।
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