जन आधार से योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना : मुख्य सचिव

85 हजार से ज्यादा ई-मित्र संचालकों से फेसबुक लाइव के माध्यम से होगा सीधा संवाद
www.daylifenews.in
जयपुर। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने में जन आधार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन आधार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाते हुए इसके तकनीकी पक्षों में निरंतर सुधार किये जाए तथा आमजन को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की 5वीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जन आधार के माध्यम से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, तकनीकी पहलुओं, सेवा वितरण की गुणवत्ता तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
ई-मित्र संचालकों से होगा सीधा संवाद-
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित 85 हजार से अधिक ई-मित्र केंद्रों के संचालकों के साथ विभाग द्वारा फेसबुक लाइव के माध्यम से विशेष संवाद आयोजित किया जाए। इस संवाद के माध्यम से जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। साथ ही ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों एवं सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।
जन आधार एआई चैट बॉट का किया परीक्षण-
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन आधार एआई चैट बॉट का परीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता का जायजा लिया। उन्होंने आधार एवं जन आधार से संबंधित तकनीकी व्यवस्थाओं के रिस्पांस टाइम और एक्यूरेसी की समीक्षा करते हुए सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
सरल डैशबोर्ड से होगी नियमित मॉनिटरिंग-
मुख्य सचिव ने विभाग को जन आधार योजना की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन आधार डैशबोर्ड को सरल एवं अधिक प्रभावी रूप से विकसित करने को कहा, जिसमें सूचनाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हों तथा डेटा का अनावश्यक क्लस्टरिंग नहीं हो। इससे योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की स्थिति एवं विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग अधिक सहज और प्रभावी हो सकेगी।
181 पर प्राप्त परिवादों का करेंगे निरीक्षण-
मुख्य सचिव ने जन आधार से संबंधित शिकायतों एवं परिवादों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 कॉल सेंटर पर प्राप्त परिवादों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विभागीय अधिकारी स्वयं 181 कॉल सेंटर पर जाकर जन आधार से संबंधित परिवादों की सुनवाई एवं उनके निस्तारण की प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे।
जन आधार 2.0 के सुगम क्रियान्वयन एवं तकनीकी समन्वय के दिए निर्देश-
बैठक में जन आधार 2.0 के सफल क्रियान्वयन तथा इसके उन्नत संस्करण पर सुगम स्थानांतरण की प्रक्रिया की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने विभिन्न विभागों द्वारा लेगेसी सिस्टम से नए पोर्टल पर माइग्रेशन के दौरान आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए इनके समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय एवं सहयोग से कार्य करें।
प्रदेश की 96 प्रतिशत से अधिक आबादी जन आधार से जुड़ी-
बैठक में डॉ रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव आयोजना ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2.08 करोड़ से अधिक परिवार एवं 8.09 करोड़ से अधिक सदस्य जन आधार से जुड़ चुके हैं। यह संख्या राज्य की अनुमानित आबादी का 96 प्रतिशत से अधिक है। जन आधार के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत अब तक 242 करोड़ से अधिक के डीबीटी ट्रांजैक्शन एवं 1.63 लाख करोड़ रूपए से अधिक डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किये जा चुके है। जन आधार योजना से सम्बंधित 181 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण का औसत समय 07 दिवस है एवं संतुष्टि का स्तर 91% है, जो की प्रदेश में सर्वाधिक है। 181 की विभागीय प्रगति पर मुख्य सचिव द्वारा संतुष्टि व्यक्त की गयी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार डेटा आधारित सुशासन डेटा-ड्रिवेन गवर्नेंस को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। जन आधार के तकनीकी सुदृढ़ीकरण, बेहतर निगरानी एवं शिकायतों के प्रभावी निस्तारण से योजनाओं के लाभ वितरण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *