


ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों को लेकर मुस्लिम संगठनों में गहरा रोष
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जयपुर। बुलडोजर कार्रवाई और वक्फ जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे पर अल्पसंख्यक प्रतिनिधिमंडल की विपक्षी नेताओं से उच्चस्तरीय बैठक। हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण अंचलों विशेषकर बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी इत्यादि में प्रशासनिक अभियानों के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों, कब्रस्तानों और शिक्षण संस्थानों पर की जा रही कथित पक्षपातपूर्ण एवं एक तरफा बुलडोजर ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य सामाजिक संगठनों में गहरा रोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुनियादी ढांचे के विकास और अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 10 मस्जिदें, 03 मदरसे और 06 दरगाहों जिसमें कई ऐतिहासिक मस्जिदों, खानकाहों और मदरसों को बिना पर्याप्त कानूनी समय दिए, नोटिस थमाए गए हैं तथा कुछ स्थानों पर आंशिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है।
इसी संदर्भ में आज जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रांतीय नेतृत्व की अगुवाई में विभिन्न नागरिक समाज एवं मुस्लिम संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के शीर्ष नेताओं से शिष्टाचार एवं गंभीर वार्ता की। इस प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी कांग्रेस राजस्थान श्री सुखजिंदर सिंह जी रंधावा, विपक्ष के नेता श्री टीकाराम जी जूली, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गोविन्दसिंह डोटासरा तथा क्षेत्रीय विधायकों जनाब रफ़ीक खान (आदर्शनगर), अमीन कागज़ी (किशनपोल) से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने विपक्षी नेताओं के समक्ष अपनी प्रमुख चिंताएं रखीं:
- एकतरफा कार्रवाई का विरोध: प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा न्यायपालिका के दिशा-निर्देशों और प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए की जा रही त्वरित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
- संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा: समुदाय के धार्मिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों पर हो रहे कुठाराघात और समाज में व्याप्त असुरक्षा के माहौल से अवगत कराया गया।
- संसदीय समर्थन की अपील: विपक्षी दलों से आग्रह किया गया कि वे जनता की इन गंभीर चिंताओं को राज्य विधानसभा के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाएं।
मुलाकात के दौरान विपक्षी नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को विधानसभा के चालू सत्र में कार्यस्थगन प्रस्ताव और ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मजबूती से उठाया जाएगा तथा किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में मौलाना अब्दुल वाहिद खत्री जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलेमा हिंद, नाज़िमउद्दीन अमीर हल्का राजस्थान जमात इस्लामी हिंद, हाफिज़ मंज़ूर नायब सदर जमीयत उलेमा राजस्थान, अब्दुल हमीद अध्यक्ष जमीयत उलेमा जयपुर,मुहम्मद शफ़ीक़ जी कायमखानी जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलेमा जयपुर, अब्दुल लतीफ आरको अध्यक्ष प्रांतीय मुस्लिम तेली महापंचायत, एडवोकेट किफायत उल्ला खान शामिल रहे। (प्रेस नोट)