
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। परमार्थी जी का मंदिर महंत राजेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि शरद पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ आकाश में चमकता है।
शर्मा ने शरद पूर्णिमा के महत्व के बारे में बताया कि इस दिन चंद्रमा की पूजा की जाती है, जो ज्ञान, शीतलता और शांति का प्रतीक है। उन्होंने खीर के महत्व के बारे बताया कि इस दिन खीर बनाकर चंद्रमा को भोग लगाने की परंपरा है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि चंद्रमा की पूजा करके उन्हें अर्घ्य दिया गया। खीर बनाकर भगवान को भोग लगाया और उसे प्रसाद के रूप में बांटा गया। उन्होंने शरद पूर्णिमा के महत्व और लाभ के बारे बताया कि इससे स्वास्थ्य लाभ होता है शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।इस दिन की गई पूजा और अनुष्ठान से आध्यात्मिक लाभ मिलता है और मन शांत होता है। मंदिरों को सजाया गया भजन किए गए। इस अवसर पर श्री परमार्थी जी का मंदिर महंत कैलाश चंद, शर्मा राजेंद्र कुमार शर्मा पवन शर्मा कृतिका शर्मा आदि उपस्थित थे।