
सांभर में छाई गम की लहर
शैलेश माथुर की रिपोर्ट
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सांभरझील। सांभर के शहर-ए-काजी नूरुल हसन उस्मानी का शरीर की लंबी तकलीफ के बाद इंतकाल हो गया। वे करीब 92 साल के थे। मकराना स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके इंतकाल की खबर मिलने के बाद जामा मस्जिद के बाहर काफी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग जुट हो गए। दु:ख जताने के लिए काफी तादाद में उनके आवाज पर भी लोग इकट्ठा हुए।
बताया गया कि शाम 4 बजे जनाजे की नमाज़ पढ़ाई गई। जनाजे की नमाज़ मिया साहब की कब्रिस्तान के पास में अदा की गई। उनके जनाजे को उनके भाई काजी गफ्फारूल हसन उस्मानी व उनके परिवार के मेंबरों के अलावा अनेक मोअजजीज लोगों ने कांधा दिया। उनके जनाजे में अनेक समाज के लोगो ने भी शिरकत की तथा उनके इंतकाल पर गहरा दुख व्यक्त किया। मियां साहब की बगीची नरेना रोड स्थित कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति रिवाजों ओर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओ की देखरेख में सुपुर्द ए खाक किया गया।