



वर्ष 2014, 2015, 2016 में रिफाइनरी का काम बन्द करने के विरोध में बाड़मेर से जोधपुर तक निकाली गई पदयात्रा एवं धरना प्रदर्शनों में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कुछ तस्वीरें
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मुझे संतोष है कि हमारी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई परियोजना आज क्रियाशील होने जा रही है। यह बात राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने एक्स हैंडिल पर लिखते हुए जानकारी दी।
2008 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद ही राज्य में रिफाइनरी लगाने के गंभीर प्रयास शुरू किए गए। यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के विशेष सहयोग के कारण राजस्थान को रिफाइनरी मिल सकी। इस दौरान पेट्रोलियम मंत्री रहे श्री मुरली देवड़ा और श्री वीरप्पा मोइली के साथ लगातार संपर्क रखकर एचपीएसीएल को रिफाइनरी के लिए सहमत किया गया।
वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार के दौरान यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि राजनीतिक कारणों से पांच साल तक रिफाइनरी का काम बन्द रहा जिससे इसकी लागत बढ़ती गई। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद रिफाइनरी के काम को प्राथमिकता पर शुरू किया गया एवं कोविड जैसी विपरीत परिस्थिति के बावजूद लगभग 85 प्रतिशत काम कांग्रेस सरकार में पूरा किया गया।
उन्होंने आगे लिखा : कांग्रेस सरकार का विजन रिफाइनरी के साथ पेट्रो केमिकल जोन बनाने का था जिसमें रिफाइनरी से निकलने वाले बाई प्रोडक्ट्स के प्लास्टिक आधारित उद्योग लगें जिससे लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। कांग्रेस सरकार के दौरान इसके लिए जमीन आवंटन भी किया गया परन्तु अभी यह ठंडे बस्ते में है। आज रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ इस पेट्रो केमिकल जोन का काम तेजी से शुरू किया जाए और इसे राजस्थानी लोगों के लिए आरक्षित किया जाए जिससे बाहर के व्यवसायियों की बजाय स्थानीय लोगों को प्लास्टिक आधारित उद्योग लगाने एवं रोजगार में प्राथमिकता मिल सके।
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