दुपहिया चालक उड़ा रहे हैं यातायात नियमों की धज्जियां

जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। मनोहरपुर कस्बे में इन दिनों दुपहिया वाहन चालकों की मनमानी चरम पर है। खासकर युवा वर्ग के लड़कों ने अपनी मोटरसाइकिलों में तेज आवाज वाले फट-फट, पटाखा बोलने वाले मोडिफाइड साइलेंसर लगा रखे हैं और बेतहाशा तेज गति से कस्बे की गलियों और मुख्य बाजार में दौड़ते हैं। इससे न सिर्फ आमजन परेशान है बल्कि अब तक कई सड़क हादसे भी हो चुके हैं।
फट-फट साइलेंसर से कांप उठते हैं बुजुर्ग और बच्चे
स्थानीय लोगों ने बताया कि ये लड़के जानबूझकर अपनी बाइकों में 1500 से 2000 रुपये वाले अवैध मोडिफाइड साइलेंसर लगवाते हैं जो चलते समय “धड़-धड़, फट-फट” की कानफोड़ू आवाज करते हैं। जब ये साइलेंसर वाली बाइकें गली से निकलती हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई बम फटा हो।
रात के समय तो इनकी आवाज से पूरा मोहल्ला दहल जाता है। सोते हुए छोटे बच्चे डर कर जाग जाते हैं, बुजुर्गों की नींद उड़ जाती है और दिल के मरीजों की धड़कनें बढ़ जाती हैं। पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई में भी खलल पड़ता है।
बुजुर्ग महिला ने बताया – “रात को 11-12 बजे तक ये लड़के पटाखे जैसी आवाज करती बाइकों से पूरे कस्बे में चक्कर लगाते हैं। हम तो डर जाते हैं कि कहीं गोली तो नहीं चल रही।”
न हेलमेट, न नंबर प्लेट, तीन-तीन सवारी और फुल स्पीड
इन चालकों में न तो यातायात नियमों का कोई डर है। न हेलमेट पहनते हैं, न ही कई बाइकों पर नंबर प्लेट है। एक बाइक पर तीन-तीन लड़के बैठकर, बिना साइलेंसर की तेज आवाज के साथ 80-90 की स्पीड में व्हीली मारते हुए निकलते हैं। कई बार तो ये चलती बाइक पर मोबाइल पर बात करते हुए और ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए भी देखे जाते हैं।
अब तक कई दुर्घटनाएं
इस लापरवाही के कारण पिछले एक महीने में कस्बे में दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

  • पिछले हफ्ते मुख्य बाजार में दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों चालक घायल होते होते बचे ।
  • 10 दिन पहले एक तेज रफ्तार बाइक ने पैदल जा रही एक महिला को टक्कर मार दी,
  • एक युवती को बचाने के चक्कर में एक बाइक चालक खुद गिर गया
    लोगों ने बताया कि कई बार तो ये बाइकर्स जानबूझकर भीड़ में भी तेज बाइक चलाते हैं ताकि लोग उनकी तरफ देखें।
    पुलिस की अनदेखी से बढ़ रहे हैं हौसले
    ग्रामीणों का आरोप है कि इस बारे में यातायात पुलिस और स्थानीय थाने में कई बार शिकायत दी गई है, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। कभी-कभार चालान के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे इनके हौसले और बुलंद हो गए हैं।
    समाजसेवियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
    युवा समाजसेवी ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा – “ये फैशन नहीं, मौत का सामान है। फट-फट साइलेंसर पूरी तरह से अवैध हैं और सुप्रीम कोर्ट ने इन पर बैन लगा रखा है। इनकी तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है और तेज गति से चलने से ये खुद की और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। आज ये शौक है, कल यही शौक किसी की मौत का कारण बनेगा।”
    उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि –

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