
नियमित व संयमित जीवन यापन से मधुमेह पर नियंत्रण
जाफ़र लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। डॉक्टर इमरान खान सीनियर मेडिकल ऑफिसर गोरवमेंट ऑफ राजस्थान सरकार ने कहा कि नियमित व संयमित जीवन यापन से मधुमेह पर नियंत्रण हो सकता है यह शब्द खान ने एक विशेष भेंट के दौरान में कहे
डॉक्टर खान ने कहा कि
मधुमेह बीमारी तेजी से आम हो रही है। शहरी जीवन शैली, तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण है। चिकित्सकों का कहना है कि मधुमेह केवल शुगर की बीमारी नहीं है बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है। पहले यह रोग बुजुर्गों में अधिक देखा जाता था लेकिन अब युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि मधुमेह पूरी तरह नियंत्रण की जा सकती है। स्वस्थ जीवन शैली नियमित जांच और जागरूकता ही इससे बचाव की सबसे बड़ी ढाल है।
राजकीय यूनानी चिकित्सालय ताला डॉ. रिजवान अहमद ने बताया कि हर क्षेत्र में युवाओं में मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, समय पर भोजन, तले भुने और मीठे पदार्थ से परहेज और पर्याप्त नींद ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।
डॉक्टर अहमद ने बताया कि पहले मधुमेह
40 वर्ष से अधिक आयु वालों की बीमारी मानी जाती थी लेकिन अब यह 25 से 30 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक तनाव, अनियमित खान-पान और मोटापा इंसुलिन के कामकाज को प्रभावित करते हैं। जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है। नियमित जांच से प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का पता लग सकता है और दवा की आवश्यकता टाली जा सकती है।
बच्चों को खेलकूद के लिए प्रेरित करेंः बाल रोग विशेषज्ञ मानते है कि अब छोटे बच्चों में भी टाइप -1 डायबिटीज के मामले सामने आ रहे हैं। अधिक पैक्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक और स्क्रीन टाइम के कारण बच्चे शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो रहे हैं। माता-पिता को बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें खेलकूद के लिए प्रेरित करना चाहिए। बार-बार प्यास लगना, पेशाब बढ़ना या वजन घटने जैसे लक्षण दिखे तो तुरंत जांच करवाई जाए।
मुख्य सावधानियां
सुबह शाम नियमित व्यायाम या पैदल चलना अपनाए। भोजन में मोटे अनाज, हरी सब्जियां और कम वसा वाला आहार ले। धूम्रपान व शराब से परहेज करें। हर 6 महीने में ब्लड शुगर की जांच करवाए। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या मेडिटेशन करें।