
जाफर लोहानी की रिपोर्ट
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मनोहरपुर (जयपुर)। कस्बे की गलियां अब इंसानों से ज्यादा बंदरों की हो गई हैं। नगर पालिका क्षेत्र के दर्जनभर मोहल्लों में बंदरों के झुंड ने ऐसा आतंक मचा रखा है कि लोग घर में कैद होने को मजबूर हैं।
दहशत के नक्शे: ये मोहल्ले सबसे ज्यादा परेशान
रामदास कॉलोनी रावधिर सिंह कॉलोनी,केदावत मोहल्ला, तोपचीवाड़ा, सारवान मोहल्ला आमलियों का बास
गंगा विहार कॉलोनी अमन कॉलोनी अंबेडकर नगर पीटीआई कॉलोनी
ताजा हमला:
20-30 बंदरों ने शेखर को लहूलुहान किया*
गत दिनों पीटीआई कॉलोनी निवासी शेखर चौधरी पर 20 से 30 बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। सिर फट गया, 4 टांके आए। शेखर की पट्टी वाली फोटो ही बता रही है कि आतंक किस लेवल का है।
रोज की परेशानी: फ्रिज खोलो, बंदर माल ले जाओ
मोहल्ले वालों का दर्द सुनो: “साहब, ये बंदर दरवाजा खोल लेते हैं। सीधा किचन में घुसकर फ्रिज खोलते हैं, दूध-दही-फल-सब्जी उठा ले जाते हैं। छत पर पानी की टंकी तोड़ दी, कपड़े फाड़ दिए। महिलाएं डर के मारे छत पर नहीं जातीं। बच्चे स्कूल से आते ही घर में घुस जाते हैं।”
नगर पालिका का जवाब: ‘पिंजरे अब लगाएंगे’
जब लोहानी ने नगर पालिका के अधिकारियों से बात की तो जवाब मिला: “समस्या गंभीर है। अब अविलंब पिंजरे लगाए जाएंगे। टीम गठित कर दी है। झुंड को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा।” पूर्व में भी बंदरो को पकड़ने का कार्य शुरू हुआ था
जनता की चेतावनी: ‘अविलंब’ का मतलब कल, परसों नहीं – आज
शेखर चौधरी का खून बह चुका है। अब अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग पर हमला हुआ तो जिम्मेदार कौन? नगर पालिका को ‘फाइल’ से निकलकर ‘फील्ड’ में आना होगा। पिंजरा, कर्मचारी, गाड़ी – सब आज चाहिए।