वेदांता चेयरमैन ने पीएसयू के निजीकरण की वकालत की

www.daylifenews.in
वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की अपील का पूरी तरह समर्थन करता हूँ। इस संकट और अनिश्चितता के दौर में यह बहुत ज़रूरी है। इसे करने के दो रास्ते हैं, पहला – हम कंजम्पशन कम करें और दूसरा – प्रोडक्शन बढ़ाएँ। प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी चिंता तेल और सोना हैं, जो हमारे कुल आयात का 30% से भी ज्यादा हैं। अगर हम ज़मीन के नीचे से निकलने वाले अन्य संसाधनों को भी जोड़ दें, तो यह आंकड़ा 50% तक पहुँच जाता है। लेकिन हमारी जियोलॉजी और हमारे पास जो मौजूदा एसेट्स हैं, उन्हें देखते हुए हम बहुत कम समय में प्रोडक्शन को बड़े स्तर पर बढ़ा सकते हैं। अतीत में भी ऐसा हुआ है। इसके लिए बस दो चीज़ों की ज़रूरत है: प्राइवेटाइजेशन और क्लीयरेंसेज़ में सेल्फ-सर्टिफिकेशन। कुल मिलाकर बिलो-द-ग्राउंड सेक्टर में ऐसी 24 पीएसयू हैं जिनका प्राइवेटाइजेशन किया जा सकता है, और इससे प्रोडक्शन में कई गुना बढ़ोतरी होगी। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (जिसमें सरकार की 26% हिस्सेदारी है) और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (जहाँ सरकार की 49% हिस्सेदारी है) जैसी कंपनियों का प्राइवेटाइजेशन पूरा होने से प्रोडक्शन और रोज़गार के ढेरों अवसर पैदा होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *