पीएमओएस सिर्फ ओवरी की बीमारी नहीं आँखों की रोशनी के लिए भी गंभीर संकट

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पिछले 100 से भी ज़्यादा सालों से करोड़ों महिलाएँ पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की बीमारी झेल रही हैं। अब 11 साल तक चली लंबी रिसर्च और परामर्श के बाद इसका नाम बदल दिया गया है, इसमें 22,000 से अधिक लोग शामिल थे। मई 2026 में मशहूर मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीमारी का नया नाम ‘पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम’ रखा गया है और अब से इसे ‘पीएमओएस’ कहा जाएगा। देखा जाए तो पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) यह नाम तकनीकी रूप से सही नहीं है। यह जानकारी डॉ. हिमांशु शेखर, सीनियर ऑप्थल्मोलॉजिस्ट और बोर्ड डायरेक्टर एवं चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर (क्लिनिकल और टीम बिल्डिंग), एएसजी आई हॉस्पिटल द्वारा दी गई। डॉ. हिमांशु शेखर ने आगे बताया कि इस बीमारी का आँखों से संबंध इसके दो मुख्य कारणों से जुड़ा है: एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ना और शरीर में इंसुलिन का सही इस्तेमाल न होना (इंसुलिन रेजिस्टेंस)। इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं में मेइबोमियन ग्रंथियों के नष्ट होने के कई मामले सामने आए हैं। मेइबोमियन ग्रंथियाँ हमारी आँखों के आँसुओं को सूखने से रोकती हैं। नया नाम (पीएमओएस) इसके हार्मोनल और मेटाबॉलिक स्वभाव को साफ-साफ दर्शाता है, तो इस बीमारी के इलाज और सही देखरेख में ऑप्थल्मोलॉजिस्ट की भूमिका का रास्ता भी खुल गया है।

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