पेड़-पौधे हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर जीवन को सुरक्षित रखते हैं – कुड़ी

जाफर लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। भामाशाह श्री मोहन कुड़ी जी ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
कुड़ी जी ने कहा कि पेड़-पौधे न केवल वातावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कुड़ी जी ने कहा कि हम सबको प्रतिवर्ष प्रति व्यक्ति एक पेड़ लगाकर उसका संतान की तरह लालन पालन करना चाहिए, एक वृक्ष 100 पुत्रों के सम्मान होता है। वृक्षारोपण करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। इसलिए पेड़ लगाने एवं उनकी देखभाल करने का आह्वान भी किया।
कुड़ी जी ने कहा कि पर्यावरण हमारे चारों ओर का वह प्राकृतिक आवरण है जो पृथ्वी पर जीवन का आधार है। इसमें हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु शामिल हैं। यह हमें जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन, भोजन और शुद्ध जल प्रदान करता है। वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण और वनों की कटाई के कारण हमारा पर्यावरण खतरे में है। इसलिए, अधिक से अधिक पेड़ लगाकर और प्लास्टिक का उपयोग बंद करके हमें अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वच्छ पर्यावरण में ही हमारा सुरक्षित भविष्य है पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
राज्य वृक्ष’ खेजड़ी को काटने पर वन अधिनियम
कुड़ी जी ने बताया कि राजस्थान में ‘राज्य वृक्ष’ खेजड़ी को काटने पर वन अधिनियम के तहत भारी जुर्माना लगाया जाता है。नए नियमों के अनुसार, अवैध रूप से पेड़ काटने पर पहली बार ₹1,000 से लेकर ₹5,000 (मामले की गंभीरता के आधार पर) तक का जुर्माना हो सकता है。यह जुर्माना दोबारा ऐसा करने पर दोगुना तक हो सकता है। खेजड़ी को थार का कल्पवृक्ष माना जाता है और इसके संरक्षण के लिए सरकार काफी सख्त है।जुर्माने के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
जुर्माना:
प्रति पेड़ काटने पर ₹1000 का जुर्माना तय किया गया है। अलग-अलग परिस्थितियों और ज़मीन के प्रकार (जैसे वन भूमि) के अनुसार इसे ₹5,000 तक भी बढ़ाया जा सकता है।
सजा का प्रावधान:
पूर्व में भारतीय वन अधिनियम के तहत 6 महीने की कैद का प्रावधान था, जिसे जन विश्वास संशोधन अधिनियम के तहत खत्म कर दिया गया है। अब केवल आर्थिक दंड (जुर्माना) का प्रावधान है।
नए कानून:
राजस्थान सरकार ने खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए विशेष कड़े कानून बनाने की भी घोषणा की है ताकि इसे पूरी तरह से संरक्षित किया जा सके।

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