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जयपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID) द्वारा अनुमोदित दिशा पाठ्यक्रम प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ आज 7 जुलाई एपेक्स विश्वविद्यालय में हुआ।
यह पाठ्यक्रम पहले ही देश के आठ राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है तथा अब इसे राजस्थान में भी चरणबद्ध रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
बौद्धिक दिव्यांग अभिभावक महासंघ परिवार के राष्ट्रीय महासचिव डॉ सुदीप गोयल ने उद्घाटन सत्र में कार्यशाला के उद्देश्य पर चर्चा की और बताया कि परिवार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में राजस्थान के 25 जिलों के 62 विशेष विद्यालयों में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे 110 विशेष शिक्षक भाग लें रहे हैं।


निपिड निदेशक मेजर बी वी रामकुमार के निर्देशन में उत्तर भारत क्षेत्रीय प्रभारी जयती मित्रा व मीना पाहवा ने जय वकील मुंबई के विशेषज्ञों के साथ दिशा पाठ्यक्रम, समावेशी शिक्षण पद्धतियों एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण पर प्रतिभागियों का आमुखीकरण किया ।
एपेक्स विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर रघुवीर सिंह ने दिव्यांग बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण की आधुनिक तकनीक और नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से जानकारी दी ।

भारत सरकार के दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के कम्पोजिट रीजनल सेंटर जयपुर निदेशक नीरज मधुकर ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए विशेष शिक्षकों को उनसे लाभान्वित करने की अपील की ।
निदेशालय विशेष योग्यजन उपनिदेशक डॉ भगवान सहाय शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों के माध्यम से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी ।
कार्यशाला संयोजक नवनीता नाहटा ने प्रतिभागियों को बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक सहभागी विशेष विद्यालय को उनके यहाँ अध्ययनरत बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की संख्या के अनुसार दिशा संदर्भ शिक्षण सामग्री एवं वर्कशीट्स उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे कार्यक्रम का लाभ प्रभावी रूप से बच्चों तक पहुँच सके।
कार्यशाला में एपेक्स कैम्पस निदेशक डी एस शेखावत , विशेष शिक्षा प्रभारी डाक्टर कमलेश नंदिनी, पूर्णिमा अग्रवाल, स्नेहलता , परिवार कोषाध्यक्ष अनुराग श्रीवास्तव , प्रसिद्ध दिव्यांग अधिकार अधिवक्ता रवि हुजा , मित्र संस्था अध्यक्ष संजय नाहटा सहित राजस्थान के 62 विशेष विद्यालयों में कार्यरत 110 विशेष शिक्षकों ने सहभागिता निभाई । साथ ही मौलाना आज़ाद केंद्रीय उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद से पधारे क्षितिज ने बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए विकसित दृश्य श्रव्य वीडियो, एनिमेशन और गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म “दिव्यांग सारथी” पर विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया ।
प्रथम चरण में राजस्थान सरकार के अधीन संचालित अनुदानित विशेष विद्यालयों में कार्यरत विशेष शिक्षकों का क्षमता विकास किया जा रहा है। आगामी चरणों में इस मॉडल को राजस्थान के सभी विशेष विद्यालयों व शिक्षा विभाग के सभी सामान्य स्कूलों में लागू कर बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, मानकीकृत एवं प्रभावी शिक्षण एवं पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है ।