
फोटो : गगन दीप सिंह
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कहते हैं कि चेहरे से किसी का मूल्यांकन करना उचित नहीं है। क्योंकि चेहरा कितना भी सुंदर क्यों न हो लेकिन जब उस व्यक्ति के आचरण और व्यवहार में मिठास ही नहीं हो, शुद्धता नहीं हो। उसके हृदय के अंदर दूसरे के प्रति,जलन, घृणा, ईष्या और तिरस्कार की भावना कूट-कूट कर भरी हो, उससे किसी के भले की उम्मीद करना बेमानी है। ऐसे व्यक्ति को केवल अपनी ही सुख-समृद्धि अच्छी लगती है। भले उसके लिए दूसरे ने कितना भी अच्छा किया हो। दुखदायी तो यह है कि ऐसे व्यक्ति को दूसरे का क्षणिक सुख भी सुहाता नहीं है। वर्तमान का यही कड़वा सच है। –गगन दीप सिंह