
स्वतंत्रता दिवस पर बहीन में बेटियों की ‘नई आजादी’ का संदेश
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बहीन, पलवल। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बहीन में स्वतंत्रता दिवस समारोह को मासिक धर्म स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य, गरिमा, आत्मविश्वास और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए 300 छात्राओं को पर्यावरण-अनुकूल सैनिटरी पैड एवं स्वच्छता किट वितरित की गईं। कार्यक्रम में डा. प्रवीण बिष्ट, कर्नल कुंवरपाल रावत, डा. कुसुम रावत एवं डा. शिव सिंह रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन केबीसी संस्था और सौख्यम के सहयोग से किया गया।
डा. प्रवीण बिष्ट ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।आजादी का अर्थ केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति नहीं, बल्कि नकारात्मक सोच और मानसिक संकोच से मुक्ति भी है।
कर्नल कुंवरपाल रावत ने कहा कि देश की आजादी असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज भी भारतीय सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को देशसेवा के लिए प्रेरित किया।
डा. कुसुम रावत ने मासिक धर्म को जीवन की एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को सौख्यम के पुनः उपयोग योग्य पैड के उपयोग, धुलाई, सुखाने और रखरखाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित देखभाल के साथ इन पैड का लगभग तीन वर्षों तक पुनः उपयोग किया जा सकता है, जिससे डिस्पोजेबल कचरे को कम करने में मदद मिलती है।
डा. शिव सिंह रावत ने कहा कि 1947 में भारत ने बाहरी अंग्रेजी शासन से आजादी हासिल की थी, लेकिन आज हमें अपनी बेटियों को मासिक धर्म से जुड़ी झिझक,सामाजिक वर्जनाओं, गलत धारणाओं और जागरूकता की कमी जैसी आंतरिक बाधाओं से आजादी दिलाने की दिशा में काम करना होगा।
डा. रावत ने कहा कि मासिक धर्म न कमजोरी है और न शर्म का विषय; यह एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है। इसके बारे में खुलकर, सहजता से और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ बात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि बेटियों की गरिमा, शिक्षा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण से भी जुड़ा है। इस विषय पर जागरूकता पैदा करना और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है।
डॉ. रावत ने कहा कि इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्लास्टिक और गैर-जैव-अवक्रमणीय कचरे को कम करना भी है। अनुचित तरीके से फेंका गया कचरा नालियों, नहरों, तालाबों और नदियों तक पहुँचकर प्रदूषण तथा जल निकासी में अवरोध पैदा कर सकता है। उन्होंने छात्राओं से ‘पर्यावरण दूत’ बनने का आह्वान करते हुए कहा कि अनावश्यक प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरे का उचित निस्तारण करें और किसी भी प्रकार का कचरा जलस्रोतों में न डालें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवकुमार गुप्ता ने विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों और छात्राओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने डॉ. शिव सिंह रावत, सौख्यम फाउंडेशन के प्रो. प्रवीण एवं कुसुम, कर्नल कुंवरपाल रावत तथा केबीसी संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से स्वतंत्रता दिवस समारोह को एक नवीन, सार्थक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण आयाम मिला है।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के लेक्चरर जगत सिंह रावत ने किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में केबीसी संस्था तथा डॉ. शिव सिंह रावत द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताया। राजवीर एसएमसी इंचार्ज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह में छात्राओं ने हरियाणवी एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित नृत्य, गायन और अन्य रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बहीन गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे।