

भीषण गर्मी में फाटक खुलने का इंतजार करते हैं राहगीर
सुरेश बागड़ी की रिपोर्ट
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मण्डावर (दौसा)। मण्डावर -महुवा रोड रेलवे स्टेशन के अलवर-गढ़ी फाटक नंबर 83 पर रेलवे विभाग की लापरवाही वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। फाटक के सायरन में पिछले करीब पांच महीने से तकनीकी खराबी बताई जा रही है। इसके चलते ट्रेन गुजरने के बाद भी करीब तीन मिनट तक सायरन बजता रहता है। सायरन बंद होने के बाद ही फाटक खोला जाता है। इस दौरान फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
वाहन चालकों के अनुसार ट्रेन के आने से करीब 10 मिनट पहले ही फाटक बंद कर दिया जाता है। कई बार एक के बाद दूसरी ट्रेन गुजरने की स्थिति में फाटक काफी लंबे समय तक बंद रहता है। ऐसे में वाहन चालक और राहगीर फाटक खुलने का इंतजार करते रहते हैं। ट्रेन के गुजर जाने के बाद भी सायरन बंद होने में करीब तीन मिनट लग जाते हैं। इसके बाद ही फाटक खोला जाता है।
फाटक लंबे समय तक बंद रहने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इनमें बस, कार, जीप, बाइक सहित अन्य वाहन शामिल रहते हैं। फाटक के आसपास यातायात का दबाव बढ़ने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार कतार इतनी लंबी हो जाती है कि लोगों को काफी देर तक जाम जैसी स्थिति में खड़ा रहना पड़ता है।
फाटक बंद रहने के दौरान बसों में बैठे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। भीषण गर्मी में बसों के अंदर बैठे यात्रियों का इंतजार करना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक फाटक बंद रहने के कारण बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार गर्मी के कारण यात्रियों की तबीयत बिगड़ने जैसी स्थिति भी बन जाती है।
स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों का कहना है कि फाटक और सायरन की तकनीकी समस्या को लेकर कई बार रेलवे विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद करीब पांच महीने से समस्या का समाधान नहीं किया गया है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी रेलवे अधिकारियों की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
स्थानीय लोगों ने रेलवे विभाग से मांग की है कि गढ़ी फाटक नंबर 83 के सायरन और फाटक में आ रही तकनीकी खराबी की जल्द जांच कर उसे ठीक कराया जाए। लोगों का कहना है कि ट्रेन गुजरने के बाद अनावश्यक रूप से तीन मिनट तक सायरन बजने की समस्या खत्म होने से फाटक पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतार से राहत मिल सकती है। साथ ही भीषण गर्मी में यात्रियों और राहगीरों को होने वाली परेशानी भी कम होगी।