आधुनिक तकनीक से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े 634 दिव्यांगजन

687 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निःशुल्क फिट किए
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उदयपुर। सुबह से ही शिविर स्थल पर दिव्यांगजनों का पहुंचना शुरू हो गया। किसी को पहली बार अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद थी, तो कोई फिर से सहजता से चलने का सपना लेकर आया था। नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर के निःशुल्क फिटमेंट शिविर में 634 दिव्यांगजनों को 687 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स फिट किए गए। हल्के, टिकाऊ और आरामदायक कृत्रिम अंग पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी झलक उठी। फिटमेंट के बाद मिरर बार पर चलने के अभ्यास ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी।
शिविर के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री बी. श्री रामुलु रहे। अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक डॉ. सुमन पेनकर ने की। बेल्लारी महापौर पी. गादेप्पा परम विशिष्ट अतिथि तथा पूर्व विधायक सोम शेखर रेड्डी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बी. श्री रामुलु ने कहा कि ऐसे सेवा कार्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ाते हैं। डॉ. सुमन पेनकर ने संस्थान के प्रयासों को मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण बताया।
नारायण सेवा संस्थान की निदेशक वंदना अग्रवाल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास के साथ चलने, दैनिक कार्य स्वयं करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम बनाना है। आधुनिक मॉड्यूलर तकनीक से तैयार कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स उनकी गतिशीलता बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की राह आसान करते हैं।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मेवाड़ी परंपरा के अनुरूप अतिथियों के स्वागत से हुआ। संस्थान की 40 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने लाभार्थियों की जरूरतों के अनुसार कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स फिट किए। इसके बाद फिजियोथेरेपी और चलने का प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने प्रेलर मिरर बार की सहायता से लाभार्थियों को कदमों का संतुलन बनाने, चलने की मुद्रा सुधारने और कृत्रिम अंगों के साथ तालमेल बैठाने का अभ्यास कराया। इस प्रक्रिया से उन्हें अपने कदमों पर भरोसा करने और सुरक्षित ढंग से चलने का अभ्यास मिला।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, 16 अगस्त को आयोजित चयन एवं माप शिविर में 797 से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीकरण हुआ था। इनमें चयनित 634 लाभार्थियों को इस शिविर में कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स प्रदान किए गए। इस अवसर पर सहयोगी दानदाताओं का अभिनंदन भी किया गया।
कार्यक्रम में डीवाईएसपी प्रसाद गोखले, सन्मार्ग गेलेयारा बालाग फ्रेंडशिप ग्रुप, बेल्लारी के अध्यक्ष एच. लक्ष्मीकांत रेड्डी, जीएसटी कमिश्नर वेंकटेश मूर्ति, आरटीओ पंपापाती, जैन समाज बेल्लारी के अध्यक्ष सूरजमल बागरेचा, चंद्रशेखर आचार्य, जगदीश गोड़ा, हनुमंत रेड्डी, रघुराम राव, अशोक भंडारी, उद्योगपति मंजुला मोदी और सत्यनारायण सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। शिविर प्रभारी हरिप्रसाद लड्ढा ने आभार जताया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1985 से कार्यरत नारायण सेवा संस्थान चिकित्सा, पुनर्वास और दिव्यांगजन सशक्तीकरण के क्षेत्र में सेवाएं दे रहा है। संस्थापक पद्मश्री कैलाश ‘मानव’ की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्थान आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदना के माध्यम से जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटा है। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण में योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिला। संस्थान के अनुसार, अब तक 40,809 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और 4.56 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं दी जा चुकी हैं।

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