
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
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सुप्रीम कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी ने युवा बेरोजगारों के लिए कहां यह कॉकरोच है। युवाओं को बहुत ज्यादा अपमानजनक लगा बोस्टन में पढ़ रहे भारतीय युवा अभिजीत दीपके ने इस को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया पर भारत में युवाओं से इस पर बात करने के बाद युवाओं ने आन्दोलन करने के लिए काक्रोच जनता पार्टी बना ली।
छः जून को अभिजीत ने खुलेआम आन्दोलन शुरू कर दिया।और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे ये आन्दोलन जारी रहेगा।
बड़े बड़े लोगों ने इन युवकों की तकलीफ़ समझी। बेरोजगार युवाओ को इस तरह अपमानित करना उचित नहीं है ये तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह रोजगार दे। मनोज झा राज्यसभा सांसद, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी टीएमसी कांग्रेस, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद टीएमसी, सोनम वांगचुक शिक्षा सुधारक, प्रकाश राज, अनुराग कश्यप, अतुल कुलकर्णी, कुणाल कामरा, दीया मिर्जा, धुर्वे राठी, सौरव दास, विजेता दहिया, आशुतोष रांका, यूट्यूबर शिक्षक, संजय सिंह विपक्ष नेता, राहुल गांधी फिल्म जगत, नामचीन नेता, बड़े लोगों ने इसे समर्थन दिया है।सोनम वांगचुक तो भूख हड़ताल पर बैठे हैं, एक युवक छ: दिन से अनशन पर बैठे हुए हैं न कुछ खाते हैं न बोलते हैं तपती गर्मी में युवा जंतर मंतर पर धरना देकर बैठे हैं। रात का नजारा तो इतना दर्दनाक है दिनभर में तपती धूप से गर्म सड़क पर उल्टा सीधा जहां जगह मिली सो जाते हैं देश के सभी धर्मों के लोग इनके लिए खाना चाय नाश्ता की व्यवस्था कर रहे हैं। इस बेशर्म सरकार को जरा सी भी दया नहीं आ रही है कभी पानी, खाना चाय को रोक देते हैं भगवान ऐसा पीएम किसी भी देश का न हो। मोदी को तो विदेश यात्रा पर घुमने से ही फुर्सत नहीं है वहां जाकर नाच गान देखकर ताली बजाना ही ही ही करते हैं। आंदोलन पर एक शब्द भी नहीं निकला। ऐसा संवेदनहीन इंसान नहीं देखा वाकई आप नान-बायलाजिकल है और कंगना रनौत की नजर में अवतारी, यशस्वी है आपका जन्म तो इस देश में सेवा करने के लिए हुआ है। (लेखिका के अपने विचार हैं।)