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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइंसेज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बायोविशन 2047: बायोराइज 2026 में 800 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 250 से अधिक शोधकर्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए। 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का सहयोग प्राप्त था।
सम्मेलन का आयोजन नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. देवेश कुमार सिंह, चांसलर डॉ. विक्रम सिंह, वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज और स्कूल ऑफ साइंसेज की डीन एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दीपशिखा पांडे कटारे के नेतृत्व में किया गया।
उद्घाटन सत्र में पद्मश्री प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार सिंह, ICAR–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली और भारत में बुर्किना फासो के राजदूत महामहिम डॉ. डिज़िरे बोनिफेस सोमé मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में जैव प्रौद्योगिकी, औषधि अनुसंधान, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल फॉरेंसिक्स सहित 12 विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में 46 मुख्य वक्ताओं और सत्र अध्यक्षों ने भाग लिया। बायोराइज इंडस्ट्री एंड साइंटिफिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के तहत 14 संगठनों से जुड़े पुरस्कार भी प्रदान किए गए। समापन सत्र में प्रो. (डॉ.) आशा श्रीवास्तव अतिथि सम्मान के रूप में शामिल हुईं। प्रो. (डॉ.) दीपशिखा पांडे कटारे ने बताया कि सम्मेलन की शोध कार्यवाही चार अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में बिना किसी आर्टिकल प्रोसेसिंग शुल्क के प्रकाशित की जाएगी।