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मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के प्रोफेसर एमेरिटस गौतम आर. देसिराजू को अंतरराष्ट्रीय क्रिस्टलोग्राफी संघ द्वारा 14वें एवॉल्ड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें क्रिस्टल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अग्रणी योगदान, सुप्रामॉलिक्यूलर सिंथॉन की अवधारणा तथा आणविक क्रिस्टलों और जैविक प्रणालियों में कमजोर हाइड्रोजन बंधन और हैलोजन बंधन के संरचनात्मक महत्व को स्थापित करने के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है। एवॉल्ड पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय क्रिस्टलोग्राफी कांग्रेस के अवसर पर प्रत्येक तीन वर्ष में प्रदान किया जाता है। प्रोफेसर एमेरिटस गौतम आर. देसिराजू ने कहा, “एवॉल्ड पुरस्कार को व्यापक रूप से किसी संरचनात्मक रसायनज्ञ या जीवविज्ञानी द्वारा प्राप्त किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है, जो नोबेल पुरस्कार के बाद सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है।”आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, क्रिस्टल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रोफेसर देसिराजू के अग्रणी कार्य ने आणविक अंतःक्रियाओं की हमारी समझ को नई दिशा दी है और औषधि तथा उन्नत पदार्थों के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हम इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान के लिए उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।