जिला उपभोक्ता आयोग ने वाशिंग मशीन मरम्मत, मानसिक संताप एवं भुगतान के दिए आदेश

जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
चित्तौड़गढ़। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष जगमोहन अग्रवाल एवं सदस्य हर्ष अरोरा ने वाशिंग मशीन की खराबी को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश मेहताब शॉपिंग सेंटर कोटा और हेयर कंपनी के विरुद्ध पारित किया।।
प्रकरण अनुसार, परिवादी हिंदुस्तान मोटर्स प्रोपराइटर मज़हर हुसैन भाटी ने जरिए अधिवक्ता तनवीर खान एडवोकेट के एक परिवाद जिला उपभोक्ता आयोग चित्तौड़गढ़ में पेश किया जिसमें यह बताया कि उन्होंने मेंहताब शॉपिंग सेंटर, कोटा से ₹22,500 की कीमत पर हैयर कंपनी की एक वाशिंग मशीन खरीदी थी। मशीन पर चस्पा वारंटी संबंधी विवरण के अनुसार उस पर 10 वर्ष की वारंटी दी गई थी।
वारंटी अवधि के दौरान मशीन में समस्या उत्पन्न होने और चलने पर ज़ोर जोर से आवाज आने और पानी की निकासी नहीं होने पर विपक्षी पक्ष द्वारा मशीन को निःशुल्क ठीक करने अथवा उसे बदलकर देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद मेंहताब शॉपिंग सेंटर, कोटा के प्रोपराइटर सुखविन्द्र सिंह जग्गी के द्वारा समस्या का उचित समाधान नहीं किया गया।
प्रकरण में प्रस्तुत तथ्यों एवं अभिलेखों पर विचार करने के अधिवक्ता के द्वारा बहस के पश्चात आयोग ने परिवाद को स्वीकार करते हुए विपक्षीगण मेंहताब शॉपिंग सेंटर, कोटा एवं हेयर कंपनी के विरुद्ध आदेश पारित किया।
जिला उपभोक्ता आयोग चित्तौड़गढ़ ने मजहर हुसैन भाटी प्रोपराइटर हिंदुस्तान मोटर्स को राहत देते हुए पारित निर्णय के अनुसार आयोग ने विपक्षीगण को यह आदेश दिया

  1. वाशिंग मशीन की निःशुल्क मरम्मत: विपक्षीगण को आदेश की तारीख से दो माह के भीतर संबंधित वाशिंग मशीन अपने संस्थान पर मंगवाकर निःशुल्क ठीक करने तथा उसे चालू हालत में परिवादी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
  2. मानसिक संताप के लिए ₹5,000 का भुगतान: आयोग ने परिवादी को मानसिक संताप की क्षतिपूर्ति के रूप में ₹5,000 अदा करने का आदेश दिया है।
  3. परिवाद व्यय एवं अधिवक्ता शुल्क के ₹5,000: परिवादी को परिवाद व्यय एवं अधिवक्ता शुल्क के रूप में अतिरिक्त ₹5,000 का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
  4. वैकल्पिक राहत के रूप में राशि वापसी का प्रावधान: आयोग के आदेश में यह भी उल्लेख है कि यदि विपक्षीगण वाशिंग मशीन को ठीक करके चालू हालत में लौटाने का विकल्प नहीं अपनाते हैं, तो परिवादी को मशीन की कीमत ₹22,500 में से ₹10,000 डेप्रिसिएशन की राशि घटाकर शेष ₹12,500 का भुगतान करना होगा। इसके अतिरिक्त, परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख 14 अगस्त 2024 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा।
    इसके साथ ही मानसिक संताप के लिए ₹5,000 तथा परिवाद व्यय एवं अधिवक्ता शुल्क के लिए ₹5,000 का भुगतान करने के निर्देश भी आदेश में शामिल हैं।
    इस प्रकार आयोग ने मशीन की मरम्मत के साथ-साथ उपभोक्ता को हुई परेशानी के लिए आर्थिक क्षतिपूर्ति एवं कानूनी कार्यवाही में हुए खर्च की भरपाई का भी आदेश दिया।
    मामले में परिवादी की ओर से प्रभावी पैरवी करने वाले अधिवक्ता तनवीर खान, चित्तौड़गढ़ ने उपभोक्ता संरक्षण कानून के अंतर्गत अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा खरीदारी से संबंधित बिल, वारंटी कार्ड, शिकायतों और पत्राचार के अभिलेख सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया। यह जानकारी अधिवक्ता तनवीर खान, चित्तौड़गढ़, राजस्थान ने दी है।

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