मनोहरपुर में बड़े होर्डिंग बोर्ड को जप्त करने के दिए निर्देश

होर्डिंग विवाद गरमाया! 181 पर शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। मनोहरपुर कस्बे में दुकानों के बाहर लगाए गए बड़े होर्डिंग बोर्डों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 181 हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज होने और नगर पालिका प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच और सभी विज्ञापन बोर्डों पर समान नियम लागू करने की मांग की है।
समझाइश के बाद दिए गए थे कार्रवाई के निर्देश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बे में दुकानों के बाहर लगे होर्डिंग बोर्डों को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शुभम गुप्ता ने संबंधित दुकानदार को समझाइश देने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्देश जारी होने के बाद मौके पर क्या कार्रवाई हुई? क्या संबंधित होर्डिंग हटाया गया या मामला अभी भी लंबित है? इन सवालों को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई है।
181 पर शिकायत, फिर कार्रवाई का हिसाब कौन देगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई और प्रशासनिक स्तर पर निर्देश भी जारी हुए, तो उनकी पालना की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
लोगों की मांग है कि नगर पालिका प्रशासन सार्वजनिक रूप से बताए कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई, संबंधित होर्डिंग की वर्तमान स्थिति क्या है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।
सिर्फ एक नहीं, सभी होर्डिंग बोर्डों की जांच की मांग
इस विवाद के बाद कस्बे में लगे अन्य विज्ञापन बोर्ड भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर पालिका क्षेत्र में लगे सभी बड़े होर्डिंग बोर्डों की जांच कराई जाए।
जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि विज्ञापन बोर्ड निर्धारित नियमों के अनुरूप लगाए गए हैं या नहीं, उनके लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर क्या कार्रवाई की गई।
लोगों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। किसी एक मामले में कार्रवाई और दूसरे मामलों में चुप्पी जैसे सवाल प्रशासन की निष्पक्षता पर संदेह पैदा कर सकते हैं।
EO के निर्देशों की पालना पर नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि अधिशासी अधिकारी के निर्देशों के बाद वास्तविक कार्रवाई क्या हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और 181 पर दर्ज शिकायतों के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
जनता के सवाल, प्रशासन से जवाब की उम्मीद
181 पर शिकायत के बाद क्या कार्रवाई हुई?
क्या संबंधित होर्डिंग हटाया गया?
क्या कस्बे के अन्य विज्ञापन बोर्डों की भी जांच होगी?
नियमों का उल्लंघन मिलने पर क्या सभी के खिलाफ समान कार्रवाई होगी? यह मामला केवल एक होर्डिंग का नहीं, बल्कि शिकायतों के निस्तारण, प्रशासनिक जवाबदेही और नियमों के समान पालन का भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *