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गुरुग्राम। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने गुरुग्राम में हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय द्वारा आयोजित ‘मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का लाभ उठाना – आउटरीच कार्यक्रम’ विषय पर आधारित राज्य-स्तरीय कार्यशाला में अपने सदस्य निर्यातकों के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी सुनिश्चित की। ‘भारत के मुक्त व्यापार समझौते को हरियाणा के लिए वैश्विक बाजार के अवसरों में बदलना’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में सरकारी अधिकारी, उद्योग निकायों के प्रतिनिधि और निर्यातक एक मंच पर आए। यहां भारत के एफटीए से मिलने वाले अवसरों और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई। जीजेईपीसी के अध्यक्ष, किरीट भंसाली ने कहा, “भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के बड़े अवसर खुलते हैं। संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए देशों, ब्रिटेन, ओमान, न्यूज़ीलैंड और यूरोपीय संघ जैसे साझेदारों के साथ हुए ये समझौते हमारे क्षेत्र के निर्यात परिदृश्य को पूरी तरह बदल चुके हैं। भारत के एफटीए साझेदार देश हर साल कुल मिलाकर 55 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के आभूषणों का आयात करते हैं। इन बाज़ारों तक तरज़ीही और शुल्करहित पहुंच मिलने से, भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग को मज़बूत प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है।”