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नई दिल्ली। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डबल्यूईएफ़) के साथ मिलकर, नई दिल्ली में ‘इंडिया स्किल्स एक्सीलरेटर’ (आईएसए) की एक उच्च-स्तरीय राउंडटेबल बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य थीम था – “इनसाइट से एक्शन तक: ग्रोथ के लिए स्किल्स गैप्स को समाप्त करना।” इस राउंडटेबल में सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा जगत, इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन और डेवलपमेंट पार्टनर के लीडर एक साथ आए। इंडिया स्किल्स एक्सेलरेटर का संचालन कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय करता है और यह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ग्लोबल एक्सेलरेटर्स नेटवर्क का हिस्सा है। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री, जयन्त चौधरी ने कहा: “अगर हम टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और समाज की बदलती मांगों के साथ स्किल्स को लगातार जोड़ पाते हैं, तो भारत की डेमोग्राफिक ताकत दुनिया का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकती है।” भारत सरकार के शिक्षा राज्य मंत्री तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास राज्य मंत्री, डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा: ” जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज़ को बहुत तेज़ी से बदल रही है, यह ज़रूरी है कि हमारे संस्थान सीखने वालों को न सिर्फ़ ज्ञान दें, बल्कि ज़रूरी स्किल्स, ढलने की क्षमता और ज़िंदगी भर सीखने की सोच भी दें।”