





सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने किया राज्य स्तरीय शुभारंभ
सिर्फ नशामुक्ति नहीं, काम-क्रोध-लोभ-मोह जैसी आंतरिक बुराइयों से मुक्ति ही सशक्त भारत की आधारशिला है – राजयोगिनी सुषमा दीदी
www.daylifenews.in
जयपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से संचालित “10 करोड़ लोग नशामुक्त प्रतिज्ञा महाअभियान” का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। अभियान के उद्घाटन अवसर पर हजारों लोगों ने नशामुक्त जीवन जीने की शपथ लेकर समाज को व्यसनमुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि इस महाअभियान का उद्देश्य केवल लोगों को प्रतिज्ञा दिलाना नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों में जागरूकता, आत्म-जागृति तथा नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक सोच का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र से जुड़ा गंभीर विषय है, जो युवा शक्ति की कार्यक्षमता, स्वास्थ्य और संस्कारों को कमजोर करता है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तंबाकू नियंत्रण एवं नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष तंबाकू निषेध अवार्ड-2026 प्राप्त होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यदि राजस्थान में चल रहे जन-जागरूकता अभियानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है तो यह हम सभी के लिए प्रेरणा का विषय है।
मंत्री गहलोत ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को बधाई देते हुए कहा कि संस्था आध्यात्मिक शिक्षा के साथ-साथ युवाओं और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनकर जन-जागरण के माध्यम से नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ प्रबंधन समिति की सदस्या एवं जयपुर निदेशिका राजयोगिनी सुषमा दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ केवल नशामुक्त भारत के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्था का लक्ष्य मानव जीवन को सभी बुराइयों से मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे पांच विकारों से मुक्त होकर ही श्रेष्ठ चरित्र एवं श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। भारत को पुनः आध्यात्मिक मूल्यों से समृद्ध बनाना ही संस्था का संकल्प है।
ब्रह्माकुमारीज़ मेडिकल विंग के सचिव बीके बनारसी भाई ने कहा कि नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य करने वाली अधिकांश संस्थाओं को 10 से 30 प्रतिशत तक सफलता मिलती है, जबकि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज़ को लगभग 97 प्रतिशत तक सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रभावी परिणामों को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2023 में ब्रह्माकुमारीज़ के साथ नशामुक्त भारत अभियान हेतु एमओयू किया तथा वर्ष 2024 में नारकोटिक्स कंट्रोल विभाग ने भी संस्था के साथ समझौता किया। उन्होंने बताया कि अब तक चार करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचकर उन्हें नशामुक्ति का संकल्प दिलाया जा चुका है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के उपाधीक्षक श्री मांगीलाल विश्नोई ने कहा कि राजस्थान को नशामुक्त बनाना हमारा सर्वोच्च लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चलाए जा रहे “ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा” के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संगठनों तक पहुंचकर युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जा रही है।
सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी चन्द्रकला दीदी ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आगामी चरणों में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरण कार्यक्रम, प्रतिज्ञा अभियान, युवा संवाद एवं नशामुक्ति जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम में डॉ. एस.एन. धोलपुरिया (संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम), राजेश अग्रवाल (अध्यक्ष, अग्रवाल समाज), राधाकिशन मीणा (थानाधिकारी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स), पी.बी. चंदेल (उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं युवा उपस्थित रहे। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। (प्रेस विज्ञप्ति)