श्री खादर शाह महाराज के विशाल मेले व भंडारे में उमड़े हिन्दू-मुस्लिम

जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। श्री खादर शाह महाराज का विशाल मेला और भंडारा हिंदू – मुस्लिम एकता का प्रतीक है, जो जाजेकला ग्राम में आयोजित किया गया था। इनका स्थान एक ऊंची पहाड़ी पर विराजमान है! इस अवसर पर, मेला कमेटी के सदस्यों और भामाशाहों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह जानकारी श्री खादर शाह महाराज मेला कमेटी जाजेकला के सदस्य बंशीधर रुण्डला, गोमा कारेल व हरी सैनी ने दी है।
मेले की विशेषताएं: हिंदू-मुस्लिम एकता : यह मेला हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच एकता और सौहार्द का प्रतीक है। भंडारा और प्रसादी: सुबह 10 बजे से भंडारा शुरू हुआ, जिसमें भक्तगणों ने प्रसादी ली। जात जड़ूले सवामणी: मेले में जात जड़ूले सवामणी आदि का भी दौर चलता रहा। राजनीतिक और सामाजिक पदाधिकारी: इस भंडारे में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी भी शिरकत कर रहे थे। झूले और बाजार: मेले में छोटे और बड़े सभी प्रकार के झूले लगाए गए, साथ ही सभी सामानों का बाजार भी लगाया गया था।
मेले का आयोजन: श्री खादर शाह महाराज मेला कमेटी: यह कार्यक्रम श्री खादर शाह महाराज मेला कमेटी जाजेकला के तत्वाधान में हुआ। सहयोग: इस भंडारे में सभी ग्रामवासियों का पूरा सहयोग रहा। सत्संग: इससे पूर्व में 27 अगस्त बुधवार की सम्पूर्ण रात्रि तक सत्संग हुआ, जिसमें भजन गायकों द्वारा बाबा की मान मनुहार की गई।
मेले का महत्व: हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक: बाबा को हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय मानते हैं। पुण्य कमाना: मेले के दिन सभी ग्रामवासी चूरमा और खीर बनाकर बाबा की पहाड़ी पर जाकर भोग लगाते हैं और पानी व शर्बत की स्टॉल लगाकर मेलार्थियों की प्यास बुझाकर पुण्य कमाते हैं। इस अवसर पर प्रहलाद जाट,रामेश्वर पलसानिया, रामस्वरूप पूनिया (पार्षद), कालूराम रूंडला, फूलचंद जाट, अर्जुन लाल निठारवाल, रामेश्वर रूंडला, फूलचंद कड़वासरा, गिरधारी रूंडला,हर फूल पलसानिया,सरदार पलसानिया आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *