जवाई में तेंदुआ संरक्षण पर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

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जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने जवाई क्षेत्र में तेंदुआ संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करते हुए तेंदुए के प्राकृतिक आवास एवं विचरण क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई है। भारत सरकार कीओर से श्री भरत व्यास, अधिवक्ता एवम भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार ने प्रभावी रूप से पैरवी की ।
डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं जस्टिस रेखा बोराणा की खंडपीठ ने D.B. Civil Writ Petition No. 5128/2026 में आदेश दिया कि चिन्हित तेंदुआ गुफाओं, डेंस, प्रजनन एवं resting sites तथा wildlife corridors के आसपास एक किलोमीटर का Leopard Habitat Construction-Control Zone लागू रहेगा। इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक, आवासीय एवं अन्य निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा।
न्यायालय ने जवाई Conservation Reserve की सीमा से एक किलोमीटर के भीतर नए होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, पर्यटन कैंप, mining तथा land conversion पर रोक संबंधी 31 मार्च 2015 के सरकारी आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही Forest Department को आठ सप्ताह में तेंदुआ गुफाओं, corridors, breeding sites एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का geo-referenced map तैयार कर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गांवों में आवश्यक आवासीय निर्माण, स्कूल, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं तथा पारंपरिक कृषि-पशुपालन गतिविधियां केवल इस आधार पर प्रतिबंधित नहीं होंगी कि वे एक किलोमीटर क्षेत्र में आती हैं।
यह फैसला वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय ग्रामीणों के वैध हितों के बीच संतुलन स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है। (प्रेस विज्ञप्ति)

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