
www.daylifenews.in
मुंबई। त्योहारों का मौसम खुशियां मनाने, उपहार देने और जमकर खरीदारी करने का अवसर होता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों ही माध्यमों पर शानदार छूट, सीमित अवधि की सेल और कैशबैक ऑफर मिलते हैं जो लोगों को फौरन खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। त्योहारों की इस भागदौड़ में, कई लोग वास्तविकता से कहीं बेहतर लगने वाले बेहद लुभावने ऑफर के झांसे में आकर जल्दबाज़ी में फैसला कर सकते हैं। ठग (स्कैमर) लोगों की इस मनोवृत्ति को बखूबी समझते हैं और अक्सर सोशल इंजीनियरिंग यानी लोगों की सोच, भावनाओं, भरोसे आदि का लाभ उठाकर उन्हें अपना शिकार बनाते हैं। टेक्नोलॉजी के उन्नत होते जाने के साथ-साथ धोखाधड़ी के तरीके बदल रहे हैं, ऐसे में जागरूकता और कुछ सावधानियां बरतकर आप सुरक्षित और सहज अनुभव हासिल कर सकते हैं। लेन-देन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए, उपयोगकर्ताओं को ‘रुकें, सोचें, पहल करें’ (स्टॉप, थिंक, एक्ट) के सिद्धांत का पालन करना चाहिए। ठग अक्सर सेल के दौरान असली सी दिखने वाली वेबसाइटें और लिंक बनाते हैं, ताकि वे आपकी निजी जानकारी और भुगतान ब्योरे चुरा सकें। अनजान स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई फाइल डाउनलोड करें। यदि कोई आपसे ओटीपी मांगने के लिए संपर्क करता है, तो उसे कभी न दें, भले ही वह व्यक्ति खुद को आपके बैंक या किसी भुगतान ऐप का प्रतिनिधि क्यों न बता रहा हो।