
जाफ़र लोहानी
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मनोहरपुर (जयपुर)। सीकर के भामाशाह द्वारा नवलगढ़ में विधवा बहन की बच्ची का मायरा भरा गया जिसमें बच्ची को कन्यादान सहायता में डबल बेड ड्रेसिंग बर्तन सेट कूलर और 51000 की नगद सहायता की गई। फर्नीचर बर्तन भामाशाह इरफान खान और लोसल से नई उम्मीद एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के हारून खिलजी रफीक शकील जुल्फिकार आलम के द्वारा दिया गया। 51000 की हेल्प महिला ग्रुप द्वारा की गई जिस में संतोष जांगिड़ का मुख्य सहयोग है। इस से पहले स्वरोजगार के अंतर्गत इसी परिवार को सिलाई मशीन भी दी जा चुकी थी। सीकर से भामाशाह का कहना है कि हम लगातार हेल्प के कार्य कर रहे है । हम सभी एक दूसरे से जुड़े हुए है दूसरों की मदद करना ज़रूरी है क्योंकि इससे हमारी मदद पाने वाले को तो मदद मिलती है, साथ ही हमें भी अच्छा महसूस होता है. इससे हमारी सेहत बेहतर रहती है और हमारी मानसिक स्थिति मज़बूत होती है मानव जीवन का उद्देश्य है कि अपने मन, वचन और काया से औरों की मदद करना। हमेशा यह देखा गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, उन्हें कम तनाव रहता है, मानसिक शांति और आनंद का अनुभव होता है। वे अपनी आत्मा से ज़्यादा जुड़े हुए महसूस करते हैं, और उनका जीवन संतोषपूर्ण होता है। जबकि स्पर्धा से खुद को और दूसरों को तनाव रहता है। मदद पाकर परिवार द्वारा भामाशाह द्वारा आभार व्यक्त किया गया।