
लेखिका : लता अग्रवाल
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
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मोदी जी कितने लंबे-लंबे भाषण देते हैं जिसमें सिवा झूठ, जुमलेबाजी और फालतू की बकवास के सिवा कुछ नहीं होता है और अगर कुछ कमी रह जाती है तो आकाशवाणी पर, “मन की बात” करके अपनी भड़ास निकालते हैं उनको प्रधानमंत्री इसलिए थोड़ी बनाया गया था कि वो अपने मन की बात सुनाते रहे। जनता की बुनियादी आवश्यकताओं, मुद्दों पर जनता की बात सुनने के लिए बनाया था।
लेकिन अपनी रामायण सुनाने के लिए देश के करोड़ों रुपए बर्बाद कर दिये। एप्पस्टीन के आयर लैंड पर जाकर अय्याशी करने की सज़ा पूरा देश भुगत रहा है। क्योंकि एप्पस्टीन फाइल की चाबी ट्रम्प के पास है। अभी कुछ समय पहले ट्रम्प ने खुलेआम बयान दिया कि वो चाहे तो मोदी का राजनीतिक जीवन बर्बाद कर सकते हैं। इतनी फजीहत होने के बाद भी मोदी ने एक शब्द विरोध में नहीं बोला। अब ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” माइकल सेवेंज, (अमेरिका रेडियो होस्ट की एक पोस्ट) को साझा किया और भारत को नर्क बताया साथ ही यहां से जानें वाले प्रवासी आईटी पेशेवरों को लेपटॉप से लेस गेगस्ट्रर कहा। इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या होगी। इससे भी ज्यादा शर्म की बात यह है कि वैश्विक स्तर पर भारत के बारे में इतनी गंदी टिप्पणी के बावजूद मोदी जी के मुंह से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई और न ही इसका विरोध किया गया। देश के इतिहास में ये टिप्पणी लिखी जाएगी और मोदी जी का नाम भी देश में ऐसा प्रधानमंत्री भी था जो भारत माता की खुलेआम बेइज्जती पर भी चुप रहा। ये समस्त देशवासियों के लिए भी शर्मनाक है कि उनके देश का प्रधानमंत्री ऐसा है। (लेखिका का अपना अध्ययन एवं अपने विचार है)