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भुवनेश्वर। बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी (बीजीयू) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से “उच्च शिक्षा में गुणवत्ता की पुनर्कल्पना: नवाचार, प्रत्यायन एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी निदेशक एवं संगोष्ठी संयोजक डॉ. मणिदत्त राय के स्वागत संबोधन से हुई। बीजीयू के रजिस्ट्रार डॉ. बी.के. दास ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता से होती है। मुख्य अतिथि ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक एवं आईएएस अधिकारी काली प्रसन्न महापात्र ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अगले 50 से 100 वर्षों के लिए अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक एवं एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष प्रो. दामोदर आचार्य ने कहा कि ड्यूल डिग्री कार्यक्रम और छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बीजीयू के कुलपति प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा कि भारतीय शिक्षण संस्थानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए निवेश, नवाचार और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।