राजस्थान में पंचायती राज चुनाव कार्यक्रम का ऐलान

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जयपुर। राज्य के करीब 4.03 करोड़ पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और ग्रामीण सरकार की नुमाइंदगी तय करेंगे। इन चुनावों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कुल 1.69 लाख से अधिक प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की जयपुर में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी।
इस दौरान आयोग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चुनाव कार्यक्रमों की इस औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरे ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिसके चलते सरकारी तबादलों और नई नीतिगत घोषणाओं पर रोक लग गई। बता दें कि अदालती आदेशों को ध्यान में रखते हुए आयोग को अपनी पूरी चुनावी प्रक्रिया को 15 नवंबर से पहले हर हाल में पूरी करनी है।
जिला परिषद सदस्यों के नाम निर्देशन हेतु समय सारणी
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियम 58 के अन्तर्गत निर्वाचन की लोकसूचना जारी करने की तिथि: 08.10.2026 (गुरुवार)
नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि: 13.10.2026 (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे तक (सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर)
नाम निर्देशन पत्रों को प्रस्तुत करने का समय: पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक
नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की तिथि एवं समय: 14.10.2026 (बुधवार) प्रातः 11:00 बजे से
नाम वापसी की अंतिम तिथि एवं समय: 15.10.2026 (गुरुवार) अपराह्न 3:00 बजे तक
चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन: 15.10.2026 (गुरुवार) नाम वापसी का समय समाप्त होने के तुरन्त पश्चात्
जिला प्रमुख/उप जिला प्रमुख/प्रधान/उपप्रधान के चुनाव हेतु समय-सारणी
बैठक का प्रारम्भ: पूर्वाह्न 10:00 बजे
नाम निर्देशन पत्रों का प्रस्तुतीकरण: पूर्वाह्न 11:00 बजे तक
नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा: पूर्वाह्न 11:30 बजे से
अभ्यर्थिता वापसी: अपराह्न 01:00 बजे तक
चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना एवं चुनाव चिन्हों का आवंटन: अपराह्न 01:00 बजे के तुरन्त पश्चात्

मतदान, यदि आवश्यक हुआ तो, उसका समय: अपराह्न 03:00 बजे से 05:00 बजे के मध्य
मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात्: मतगणना एवं परिणाम की घोषणा
नोटः- जिला परिषद बारां, श्रीगंगानगर, करौली एवं कोटा के प्रमुख/उपप्रमुख तथा इनमें सम्मिलित पंचायत समितियों के प्रधान एवं उपप्रधान का पंचवर्षीय कार्यकाल दिसम्बर, 2026 में पूर्ण होगा। अतः उक्त पदों के आम चुनावों की तिथियों का निर्धारण पृथक से किया जायेगा।
मतदान का समय
आयोग द्वारा मतदान का समय प्रातः 7:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक नियत किया गया है। सायं 06 बजे तक मतदान केन्द्र परिसर के अन्दर पहुँच चुके मतदाताओं को पंक्तिबद्ध करके मतदान करवाया जायेगा।
मतदाता सहायता केन्द्र
मतदान दिवस पर मतदान भवन के समीप मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केन्द्र (Voter Assistance Booth) स्थापित करने हेतु आयोग के पत्रांक 9326 दिनांक 24.09.2026 द्वारा निर्देश प्रदान किये गये है। इन केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जायेंगे। नवीन परिसीमन के कारण वार्डों की सीमाओं एवं मतदान केन्द्रों में हुए परिवर्तन के दृष्टिगत स्थापित किए गए मतदाता सहायता केन्द्र (Voter Assistance Booth) के माध्यम से मतदाताओं को मतदाता सूची में उनके क्रमांक एवं बूथ संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी।
चुनाव कार्य हेतु कार्मिकों का नियोजन एवं प्रशिक्षण
पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन संपादित करवाने हेतु मतदान, मतगणना एवं अन्य कार्यों के लिए समस्त चरणों में लगभग 3,17,688 कार्मिकों को नियोजित किया जायेगा। आयोग द्वारा मतदान एवं मतगणना दलों के गठन हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्मिकों के रेण्डमाईजेशन (Randomization) का कार्य NIC के द्वारा सॉफ्टवेयर के माध्यम से करवाए जाने के निर्देश प्रदान किए गए है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्मिकों का रेण्डमाईजेशन करके मतदान एवं मतगणना दलों का गठन किया जाएगा। मतदान दलों को द्विस्तरीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाने के लिए पुलिस बल को नियोजित किए जाने हेतु तैयार कार्य योजना के अन्तर्गत पंचायतीराज संस्थाओं के विभिन्न चरणों में सम्पादित होने वाले चुनावों के लिए लगभग 2,72,304 पुलिस बल नियोजित किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया के पर्यवेक्षण हेतु पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
पंचायतीराज संस्थाओं के विभिन्न चरणों में होने वाले चुनावों के लिए मतदान, मतगणना एवं अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले में आवश्यकतानुसार एक या अधिक पर्यवेक्षकों को नियोजित किया जायेगा। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित वेतन श्रृंखला तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम स्केल या इससे उच्चतर वेतन श्रृंखला के अधिकारी होंगे। चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सकें, इस हेतु पर्यवेक्षकों द्वारा चुनाव के प्रत्येक स्तर के साथ मुख्य रूप से नामांकन पत्रों की संवीक्षा, मतदान एवं मतगणना कार्य का पर्यवेक्षण किया जाएगा।
चुनाव नियन्त्रण कक्ष की स्थापना
आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं चुनाव संबंधी जानकारी प्राप्त करने तथा आमजन से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यह नियन्त्रण कक्ष 24×7 (रात-दिन) लगातार कार्यशील रहेगा। आयोग में नियन्त्रण कक्ष क्रियान्वित है, जिसका दूरभाष नं. 0141-2227407 है।
नामांकन पत्र प्रस्तुत करते समय वाहनों और लोगों की संख्या एवं विजय जुलूस पर प्रतिबंध
नामांकन पत्र प्रस्तुत करते समय रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में अधिकतम 05 लोग (उम्मीदवार सहित) ही अनुमत होंगे। साथ ही नामांकन के दौरान उम्मीदवार को किसी भी तरह की रैली के आयोजन की अनुमति नहीं होगी तथा रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के 100 मीटर की सीमा में उम्मीदवार को जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम तीन, पंचायत समिति सदस्य के लिए अधिकतम दो एवं सरपंच पद के लिए अधिकतम एक गाड़ी लाने की अनुमति होगी। साथ ही निर्वाचित प्रमुख/उपप्रमुख/प्रधान/उपप्रधान / पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों तथा पंच / सरपंच के द्वारा निर्वाचन के परिणाम के पश्चात् विजय जुलूस निकाले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा
चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव के दौरान वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग, कट आउटों, होर्डिंग्स, पोस्टर एवं बैनरों के प्रदर्शन व इनसे संबंधित अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए आयोग के आदेश क्रमांक 5052 दिनांक 23.12.2025 द्वारा प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं। (सोर्स न्यूज़ एजेंसियां)

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