मैदान की धूल नहीं, वो कलम की स्याही है, जो खिलाड़ी की मेहनत है – पठान

जाफर लोहानी
www.daylifenews.in
मनोहरपुर (जयपुर)। आंधी कस्बे के निवासी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नदीम पठान ने शायराने अंदाज़ मे कहा कि “मैदान की धूल नहीं, वो कलम की स्याही है,जो खिलाड़ी की मेहनत को घर-घर पहुंचाती है विश्व खेल पत्रकार दिवस की शुभकामनाएं।” यह शब्द पठान पत्रकार साथियो को सम्बोधित करतें हुए कहे।
पठान ने कहा कि “खिलाड़ी खेलता है मैदान में,पर जीत को अमर करते हैं खेल पत्रकार अपनी कलम से।” पठान ने कहा कि क्रिकेट के छक्के से लेकर ओलंपिक के मैडल तक, मैदान की हर हलचल अगर आपके घर तक पहुंचती है तो उसके पीछे होते हैं खेल पत्रकार। इन्हीं के सम्मान में हर साल 2 जुलाई को विश्व खेल पत्रकार दिवस मनाया जाता है।
पठान ने खेल पत्रकार के महत्व बताए है
खेल के पुल :- वो खिलाड़ियों और जनता के बीच पुल का काम करते हैं।
प्रेरणा के वाहक :- छोटे शहर के खिलाड़ी से लेकर ग्रामीण प्रतिभा तक की कहानी सबके सामने लाते हैं।
खेल संस्कृति :- जीत-हार के साथ-साथ खेल भावना, अनुशासन और मेहनत को भी हाइलाइट करते हैं।
आज के डिजिटल दौर में भूमिका
पहले अखबार और रेडियो तक सीमित था, अब लाइव ट्वीट, यूट्यूब एनालिसिस, पॉडकास्ट और इंस्टा रील्स तक खेल पत्रकारिता पहुंच गई है। ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर डेटा एनालिस तक, काम और चुनौती दोनों बढ़ गई हैं।
पठान ने अपने संदेश मे कहा कि
आज के दिन हम उन सभी खेल पत्रकारों को सलाम करते हैं जो धूप-बारिश, देर रात के मैच और ब्रेकिंग न्यूज के दबाव में भी सच और खेल भावना को ऊपर रखते हैं।

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